लड़कियों के टुकड़े कर कुत्तों को खिला देता है तालिबान, जिंदा बची महिला की आपबीती

गजनी प्रांत में पिछले साल एक 33 साल की खतेरा को गोली मार दी गई थी. मगर इस हमले में वो बाल-बाल बच गईं. खतेरा कहती हैं, 'तालिबान की नज़र में महिलाएं सिर्फ मांस का पुतला है. जिसमें जान नहीं है. उसके शरीर के साथ कुछ भी किया जा सकता है. उसे बस पीटा जा सकता है.' (सभी फोटो- AP)

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