podcast : केंद्रीय कर्मियों को सितंबर में मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी, आदेश जारी

  • July 21, 2021, 10:45 am

नई दिल्ली. न्यूज18 हिंदी की ओर से आप सभी को बकरीद मुबारक. आप सुनना शुरू कर चुके हैं न्यूज18 हिंदी का पॉडकास्ट. स्वीकार करें मेरा नमस्कार. दोस्तो, आज देश भर में कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए उत्साह और सादगी के बीच बकरीद मनाई जा रही है. पंजाब के बाद राजस्थान कांग्रेस में सियासी पारा उबाल पर है. राजस्थान में अजय माकन के किस ट्वीट पर गहलोत कैंप को सफाई देनी पड़ी, यह बताएंगे हम आज के पॉडकास्ट में. इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक खुशखबरी भी है आज के पॉडकास्ट में. संसद के मॉनसून सत्र के दौरान किसान यूनियन दिल्ली के जंतर-मंतर पर किस तरह आयोजन करने जा रही है, यह भी बताएंगे आपको. पंजाब और छत्तीसगढ़ में स्कूल कब से खुलेंगे यह जानकारी मिलेगी आज के पॉडकास्ट में, साथ ही बताएंगे आपको कि लाल किला आम दर्शकों के लिए क्यों कर दिया गया बंद. फिलहाल आइए सुनें आज की पहली खबर.



दिल्ली समेत देश भर में आज बुधवार को बकरीद मनाई जा रही है. मस्जिदों में नमाज अदा करने की तैयारियां चल रही हैं. दिल्ली के आसमान में बादलों के छाए रहने की वजह से चांद के दीदार नहीं हो सके थे, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय समेत कई राज्यों में चांद दिखा था. चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना डॉ मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया, 'दिल्ली के आसमान में बादल छाए रहने की वजह से चांद नहीं दिख पाया है, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय समेत कई राज्यों के शहरों में इस्लामी कलेंडर के आखिरी महीने ज़ुल हिज्जा का चांद दिखने की खबर की तस्दीक हुई है.' जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि हमें कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए कोविड गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए. हमने जामा मस्जिद में सीमित संख्‍या में लोगों को नमाज अदा करने की अनुमति दी है.'

पंजाब के बाद राजस्थान कांग्रेस का सियासी पारा उबाल पर है. राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन के एक रीट्वीट ने राजस्थान में गहलोत कैंप में इतनी बेचैनी पैदा कर दी है कि पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ट्वीट कर सफाई देनी पड़ी. अब प्रदेश कांग्रेस की ओर से भी सफाई सामने आई है, जिसमें उसने कहा कि अजय माकन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज नहीं. आपको बता दें कि अजय माकन ने एक दिन पहले एक ट्वीट को रीट्वीट किया, जिसमें लिखा था कि किसी राज्य का क्षत्रप अपने दम पर नहीं जीतता. वोट गांधी परिवार के नाम पर मिलते हैं, लेकिन गहलोत हो या अमरिंदर सत्ता में आने के बाद मान लेते हैं कि उनकी वजह से पार्टी जीती. राजस्थान में सचिन पायलट गुट को मंत्रिमंडल में जगह दिलाने और राजनीतिक नियुक्तियों में भागीदारी दिलाने के लिए दस दिन पहले अजय माकन जयपुर आए थे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से दो दिन में दो बार मिले, लेकिन गहलोत पायलट के साथ सत्ता की साझेदारी को तैयार ही नहीं. कहा जा रहा है कि उसके बाद कांग्रेस आलाकमान गहलोत से खफा है. ये माना रहा है कि गहलोत खुद को ताकतवर क्षत्रप मानने लग गए. हाईकमान को बौना समझ रहे हैं. इस पर राजस्थान कांग्रेस ने सफाई दी कि माकन गहलोत से नाराज नहीं. राजस्थान में माकन के आने के बाद सत्ता संगठन में समन्यव है.

लंबे समय से डीए और डीआर का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी है. वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 1 जुलाई से 28 फीसदी किए जाने के केंद्रीय कैबिनेट के फैसले को लागू करने को लेकर आदेश जारी कर दिया है. इस बढ़ोतरी में 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से मिलने वाली अतिरिक्त किस्तें भी शामिल हैं. आपको बता दें कि पहले केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 17 फीसदी था. मालूम हो कि पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ता और डियरनेस रिलीफ (डीआर) में 11 फीसदी की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी थी. यह फैसला एक जुलाई से प्रभावी हो जाएगा. केंद्र सरकार के इस फैसले से 48 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा.

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों पर युवकों के अपहरण का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि मंगलवार को जिले के कुंदेड़ व आसपास के गांवों के 7 युवकों को नक्सली अपने साथ लेकर चले गए हैं. अब युवकों को वापस लाने की कवायद की जा रही है. क्षेत्र के ही कुछ जन प्रतिनिधि व ग्रामीण युवकों को छुड़ाने के लिए जंगल में गए हैं. लेकिन बताया जा रहा है कि अब तक उनकी वापसी नहीं हो सकी है. पुलिस भी उनकी वापसी का इंतजार कर रही है. सुकमा के एसपी सुनील शर्मा के मुताबिक, पुलिस फिलहाल इस बात का पता लगा रही है कि युवक अपनी मर्जी से गए हैं या फिर नक्सली उन्हें जबरदस्ती साथ ले गए. युवकों को वापस लाने गए जन प्रतिनिधियों की वापसी का इंतजार है. उनकी वापसी के बाद स्थिति स्पष्ट होगी.

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किसान यूनियन ने मंगलवार को कहा कि संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर पर हम ‘किसान संसद’ का आयोजन करेंगे और 22 जुलाई से प्रतिदिन सिंघू बॉर्डर से 200 प्रदर्शनकारी वहां पहुंचेंगे. इससे पहले दिन में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक में एक किसान नेता ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर किसान जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे. कोई भी प्रदर्शनकारी संसद नहीं जाएगा जहां मॉनसून सत्र चल रहा है. किसान नेताओं ने कहा, ‘हम 22 जुलाई से मॉनसून सत्र समाप्त होने तक 'किसान संसद' आयोजित करेंगे और 200 प्रदर्शनकारी हर दिन जंतर-मंतर जाएंगे. हर दिन एक स्पीकर और एक डिप्टी स्पीकर चुना जाएगा. पहले दो दिनों के दौरान APMC अधिनियम पर चर्चा होगी. बाद में में अन्य विधेयकों पर हर दो दिन चर्चा की जाएगी.’ राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार कक्का ने बताया कि 22 जुलाई से प्रत्येक दिन 200 किसान पहचान पत्र लगाकर सिंघू बॉर्डर से जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने के लिए जाएंगे. बता दें कि केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून के खिलाफ 40 से अधिक किसान यूनियन बीते कई महीनों से दिल्ली के बॉर्डरों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.

कोविड के चलते हुए पिछले 1 साल से ज्यादा समय से बंद पड़े स्कूल और कॉलेज अब छत्तीसगढ़ में 2 अगस्त से खुल पाएंगे. छत्तीसगढ़ सरकार की कैबिनेट बैठक में इसको लेकर मंगलवार को निर्णय किया गया. हालांकि स्कूल और कॉलेज खोलने से पहले स्थानीय पार्षदों, पालकों और अभिभावकों की इजाजत प्रबंधन को लेनी होंगी. शुरुआती चरण में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं क्षमता से 50 प्रतिशत छात्रों के साथ शुरू की जाएंगी. यहां 50-50 प्रतिशत छात्रों को अल्टरनेट डे स्कूलों में बुलाया जाएगा. महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों के लिए भी यही नियम लागू होंगे. राज्य के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, मेडिकल, इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक चरणबद्ध तरीके से खोले जाएंगे. यहां कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी. मंत्रिमंडल के निर्णय में साफ कहा गया है कि इस दौरान कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा. जिन ग्रामीण इलाकों में कोविड के एक भी प्रकरण नहीं, उन इलाकों में 2 अगस्त से पालकों और ग्राम पंचायतों की सहमति से स्कूल खोलने की इजाजत होगी. वही शहरी इलाकों में पालकों और स्थानीय पार्षद की अनुमति अनिवार्य होगी.

पंजाब में कोरोना वायरस के मामलों में हो रही गिरावट को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों को खोलने की मंजूरी दे दी है. पंजाब सरकार के अनलॉक के नए नियमों के मुताबिक राज्यों में स्कूल खोले जाएंगे. इसके साथ ही राज्य सरकार ने इनडोर और आउटडोर गतिविधियों में क्षमता बढ़ाने की भी मंजूरी दी है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को नई छूटों का ऐलान करते हुए राज्य में 26 जुलाई से 10वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने की मंजूरी दी. इसके साथ ही बंद परिसर में होने वाले कार्यक्रमों में 150 लोग और खुली जगह पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए 300 लोगों के शामिल होने की मंजूरी दी है.

भारतीय पुरातत्व सोसाइटी ने लाल किला को 21 जुलाई से 15 अगस्त तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया है. एएसआई ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा है कि 15 अगस्त की तैयारियों के चलते रेड फोर्ट को आम लोगों के लिए बंद किया गया है. मंगलवार शाम इस बाबत एएसआई ने आदेश जारी किया है. हालांकि, कोविड की वजह से पहले ही लाल किला देखने जाने वालों की संख्या कम कर दी गई थी. अधिकारियों ने बताया कि आम तौर पर स्वतंत्रता दिवस से एक सप्ताह पहले लाल किले को बंद किया जाता है. गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने 12 जुलाई को पत्र लिख कर कोविड महामारी और सुरक्षा करणों से लाल किला 15 जुलाई से बंद करने का सुझाव दिया था.

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    चिंता के विचार आपकी ख़ुशी को बर्बाद कर सकते हैं। ऐसा न होने दें, क्योंकि इनमें अच्छी चीज़ों को ख़त्म करने की और समझदारी में निराशा का ज़हरीला बीज बोने की क्षमता होती है। ख़ुद को हमेशा अच्छा परिणाम पाने के लिए प्रोत्साहित करें और ख़राब हालात में भी कुछ-न-कुछ अच्छा देखने का गुण विकसित करें। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। भूमि से जुड़ा विवाद लड़ाई में बदल सकता है। मामले को सुलझाने के लिए अपने माता-पिता की मदद लें। उनकी सलाह से काम करें, तो आप निश्चित तौर पर मुश्किल का हल ढूंढने में क़ामयाब रहेंगे। किसी से अचानक हुई रुमानी मुलाक़ात आपका दिन बना देगी। काम के लिए समर्पित पेशेवर लोग रुपये-पैसे और करिअर के मोर्चे पर फ़ायदे में रहेंगे। सफ़र के लिए दिन ज़्यादा अच्छा नहीं है। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है। स्वयंसेवी कार्य या किसी की मदद करना आपकी मानसिक शांति के लिए अच्छे टॉनिक का काम कर सकता है। परेशान? आप पंडित जी से प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
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