Podcast: बार-बार ताश के पत्तों की तरह क्यों ढह जाती है भारतीय बल्लेबाजी?

  • September 3, 2021, 1:26 pm

Podcast Suno Dil Se: इंग्लैंड के खिलाफ (India vs England) लीड्स के बाद ओवल टेस्ट में भी भारतीय बल्लेबाजी भरभराने लगी थी. गनीमत रही कि शार्दुल ठाकुर का बल्ला चला और उनके अर्धशतक ने पहली पारी में भारत को 200 रन के आंकड़े के नजदीक पहुंचा दिया.



स्वागत, अभिनंदन आप सभी का. सप्ताह भर की क्रिकेट हलचल समेटे आपके इस पॉडकास्ट में मैं हाजिर हूं, स्वीकार कीजिए संजय बैनर्जी का नमस्कार, सुनो दिल से! तीसरे टेस्ट में मिली करारी शिकस्त ने पांच मैचों की सीरीज में लॉर्ड्स में मिली जीत का एडवांटेज न सिर्फ भारत से छीन लिया, बल्कि पहली पारी में 78 पर ऑल आउट और दूसरी पारी में अंत के 8 विकेट सिर्फ 63 पर गिरने से भारत का मध्यक्रम पूरी तरह एक्स्पोज हो गया. अफसोस यह सिलसिला ओवल में भी पहले दिन नहीं रुका. समझ से परे है कि दुनिया में सबसे मजबूत समझी जाने वाली बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह अक्सर कैसे ढेर हो जाती है. चौथे टेस्ट यानि ओवल में भारत ने टीम में दो परिवर्तन किए. मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा की जगह शार्दुल ठाकुर और उमेश यादव को शामिल किया गया.  शमी और इशांत पूरी तरह से फिट नहीं थे. यानि अगर वो फिट होते तो टीम बिना कोई बदलाव के खेल रही होती. ओवल के विकेट पर रविचंद्रन अश्विन की फिर अनदेखी हुई, इसकी वजह कोहली और शास्त्री के अलावा और कोई नहीं बता सकता है. गनीमत यह की शार्दुल ठाकुर का बल्ला चला और उनके अर्धशतक ने पहली पारी में भारत को 200 के आंकड़े के नजदीक पहुंचा दिया.

टॉस फिर रूट ने जीता और गेंदबाजी का फैसला किया. रोहित और केएल राहुल की जोड़ी फिर कुछ खास न कर सकी. अफसोस न ही पुजारा चले और न ही रहाणे. विराट कोहली ने पिछले दो साल में पहली बार लगातार दो अर्धशतक लगाए. हालांकि शतक का सूखा अब भी जारी है. ऋषभ पंत पूरी तरह से आउट ऑफ फॉर्म दिखे. एक और चौंकाने वाले फैसले में कोहली ने रहाणे से पहले जडेजा को बल्लेबाजी के लिए भेजा. जडेजा अपने प्रमोशन को सार्थक साबित नहीं कर पाए. गनीमत पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड के भी तीन विकेट गिर गए थे. बुमराह ने शुरुआत में एक के बाद एक सलामी जोड़ी रॉरी बर्न्स और हसीब हमीद को विदा किया. उमेश यादव ने आखिरी कुछ मिनटों मे रूट का विकेट लेकर भारत को पहले दिन के अंत तक मुकाबले में बनाए रखा. इंग्लैंड की टीम में चौथे टेस्ट के लिए क्रिस वोक्स फिट होकर शामिल हुए और सैम करेन को बाहर जाना पड़ा. विकेटकीपर बटलर की गैर मौजूदगी मे ओली पोप को जगह मिली है.

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ओवल में भारत सिर्फ एक टेस्ट जीत सका है, वह भी 50 साल पहले. ऐसे में उसी मैदान पर भारत फिर से क्या कर पाता है, इसका इंतजार रहेगा. ओवल में भारत 1971 के बाद खेले गए तीनों टेस्ट हारा है. उधर इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने पहले तीनों टेस्ट में जिस तरह अपनी बल्लेबाजी का दबदबा बनाया है, उसका इनाम उनको टेस्ट रैंकिंग में छह साल बाद पहले स्थान पर विराजमान होने के रूप में मिला है. कोहली की रैंकिंग गिरी है. भारत फिलहाल वर्ल्ड रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है, लेकिन ओवल टेस्ट जीतकर वह फिर से पहला स्थान हासिल कर सकता है.

भारत की महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक दौरे पर है. टीम की खिलाड़ी फिलहाल 14 दिनों के क्वारंटाइन में हैं. डे-नाइट टेस्ट खेलने का इस टीम को पहली बार अनुभव होगा. इंग्लैंड के पिछले दौरे पर भारतीय टीम ज्यादा असर नहीं छोड़ पाई थी, लेकिन इस बार कुछ करने का इरादा है. वैसे दौरे के कार्यक्रम में कुछ फेरबदल किया गया है. इंग्लैंड की तरह ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीय खिलाड़ियों को कोई अभ्यास मैच खेलने को नहीं मिलेगा. भारतीय कोच और कप्तान कह चुके हैं इस दौरे के जरिए टीम की नजर 2022 के विश्व कप के लिए तैयारियों पर होगी.

उधर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी अलग-अगल समय के साथ क्वारंटाइन में हैं. एक खबर आई है कि मेजबान अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं खिलाएगी. ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच मैथ्यू मोट ने कहा है कि डे-नाइट टेस्ट या अन्य मैचों में भारत के खिलाफ हमारी सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं उतरेगी. कंगारूओं को कई अन्य मैच भी खेलने हैं. ऐसे में कोच का मानना है कि हर मैच में सर्वश्रेष्ठ इलेवन उतारा जाना संभव नहीं है और ऑस्ट्रेलिया खास तौर पर अपने प्लेयर्स को रोटेट कर उन्हें परखना चाहेगी. दोयम दर्जे की टीम ऑस्ट्रेलिया पर उसी के घर पर जीत के भी मायने होंगे, साथ ही भारत को आने वाले टूर्नामेंट्स के लिए अपनी टीम संयोजन मे भी मदद मिलेगी.

उधर बांग्लादेश की टीम टी20 इंटनरनेशल में लगातार बढ़िया कर रही है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज 4-1 से जीतने के बाद उसने पहले मैच में न्यूजीलैंड को भी हराया है. इस दौरान बांग्लादेश की टीम के दिग्गज माने जाने वाले तमीम इकबाल नहीं खेले और अब उन्होंने घोषणा कर दी है कि वह अगले महीने होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भी नहीं खेलेंगे. तमीम का मानना है कि उनके चोटिल रहने के समय अन्य खिलाड़ियों ने देश के लिए बढ़िया योगदान दिया है. ऐसे में टीम में वापस आकर वह इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौके से महरूम करना नहीं चाहते. सवाल है कि क्या भारत में ऐसा हो सकता है. 2007 में हुए  पहले टी-20 वर्ल्ड कप को छोड़ दें तो हर बार टीम में स्थान पाने के लिए प्रमुख खिलाड़ी जोड़-तोड़ में लगे होते हैं. इंग्लैंड दौरे के खत्म होने के बाद भारतीय टीम की संरचना क्या होगी, यह देखना होगा. वर्ल्ड कप के मैच ओमान में भी खेले जाएंगे, जिसके लिए ओमान भी अपनी टीम को एक्पोजर देने में लगी है. ओमान ने मुंबई की टीम के साथ कुछ अभ्यास मैच खेले हैं.

उधर आईपीएल के लिए टीमें अभ्यास में जुटीं हैं. आरसीबी के वाशिंगटन सुंदर चोटिल होने से बाहर हो गये हैं. अब उनकी जगह बिहार में पैदा हुए और बंगाल से खेलने वाले आकाशदीप सिंह को शामिल किया गया है.

भारत में घरेलू क्रिकेट इसे महीने से शुरू हो जाएंगे. जबकि कार्यक्रम के अनुसार रणजी ट्रॉफी का फाइनल कई साल बाद कोलकाता में खेला जाएगा. सभी मैच न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे. हांगकांग से खेलने वाले अंशुमन रथ ने भारतीय पासपोर्टधारी होने की वजह से अब ओडिशा के लिए खेलने का फैसला किया है.

इस बीच स्टुअर्ट बिन्नी ने क्रिकेट के हर फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी है. उन्होंने वनडे में एक बार केवल चार रन देकर छह विकेट लिए थे. यह आज भी भारत के लिए वनडे में बेस्ट बॉलिंग प्रदर्शन है.

और अंत में वासु परांजपे. यह नाम इसलिए, क्योंकि उन्होंने सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर, संजय मांजरेकर और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्हीं वासु परांजपे का इस सप्ताह 83 साल की उम्र में निधन हो गया. वासु ने ही गावस्कर का संक्षिप्त नाम ‘सनी’ रखा था.

हफ्ते भर की क्रिकेट सरगर्मियों को समेटे इस पॉडकास्ट मे आज इतना ही. अगले हफ्ते फिर मिलेंगे, संजय बैनर्जी को इजाज़त दीजिए और चलते रहिए न्यूज़18 के साथ!

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