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IND vs SA Podcast: टीम इंडिया ने 2022 में बनाई हार की हैट्रिक, आज है 'करो या मरो' का मुकाबला

  • January 21, 2022, 11:14 am

भारतीय क्रिकेट अब नये दौर में है जहां कप्तान और कोच बदले हुए हैं. विराट ने पहले ही टी-20 में कप्तानी छोड़ दी थी अब उन्होंने टेस्ट की कप्तानी भी छोड़ दी है. सेलेक्टर्स ने पहले ही उनसे वनडे की कप्तानी वापस ले ली थी. ऐसे में विराट के स्थान पर आने वाले नये कप्तान को वह सब कुछ हासिल करना चुनौती होगा जिसे विराट अपने नाम लिख चुके हैं. विराट के टेस्ट की कप्तानी छोड़ने के बाद रोहित शर्मा इस पद को संभालेंगे, यह तय लगता है-लेकिन इस बीच तुरुप का पत्ता फेंका है तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने. बुमराह ने कहा है कि अगर उन्हें कप्तानी सौंपी जाए तो यह सम्मान की बात होगी. बुमराह वैसे भी छोटे फॉमेंट में भारत के उपकप्तान बनाये जा चुके हैं. लेकिन बुमराह की बात को गंभीरता से लिया जाएगा, फिलहाल ऐसा लगता नहीं है.



सप्ताह भर की क्रिकेट गतिविधियों को समेटे मै हाजिर हूं, स्वीकार कीजिए संजय बैनर्जी का नमस्कार, ‘सुनो दिल से’. भारतीय क्रिकेट के लिए साल की शुरुआत कतई ठीक नहीं रही. साल के पहले महीने में ही टेस्ट सीरीज गंवाना, वनडे सीरीज का पहला मुकाबला हार जाना और वर्ल्ड रैंकिंग की पहली पोजिशन गंवा देना, साल की शुरुआत का कोई शुभ संकेत नही कहा जा सकता. यह विडंबना ही है कि भारतीय क्रिकेट के सबसे काबिल और खामोश कोच राहुल द्रविड के आने के बाद से हलचल काफी बढ़ गई है. विराट कोहली का टेस्ट कप्तानी से भी हट जाना इस बात का संकेत है  कि टीम इंडिया मे अंडर करेंट काफी तेज है. सुकून के नाम पर अंडर-19 वर्ल्ड कप में लगातार दो जीत से भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को थोड़ी राहत जरूर मिली है.

वनडे सीरीज बचाने के लिए आज का दूसरा मुकाबला जीतना भारतीय टीम के लिए जरूरी है. लेकिन ऐसा तभी हो सकेगा जब खिलाड़ी अपना बेस्ट देकर टीम को जिताने के लिए परफोर्म करेंगे. ऐसे में टीम के सही कॉबीनेशन के बारे में सोचना होगा. पहले वनडे में न केवल गेंदबाजी बल्कि बल्लेबाजी में भी उम्मीद के मुताबिक बढ़िया प्रदर्शन नहीं रहा. दूसरा मुकाबला इसी मैदान पर है. यानि टीम को इस मैदान से आत्मसात होने का भरपूर मौका मिल चुका है. रोहित शर्मा टीम में नहीं हैं और ऐसे में लोकेश राहुल कमान संभाल रहे हैं. टेस्ट की तरह राहुल की कप्तानी भी सवालिया घेरे में हैं. क्या लोकेश राहुल को कप्तानी का जिम्मा दिया चाहिए. राहुल खुद बढ़िया बल्लेबाजी तो करते हैं लेकिन कप्तान के तौर पर टीम को जिता नहीं पाते. आईपीएल में यह सब कुछ होते हुए हमने देखा है, अधिकतर मौके पर उनके बल्ले से रन मिलते रहे पर पंजाब किंग्स की टीम मुकाबले में हारती रही.

पहले वनडे मैच में गेंदबाजी में कोई यादगार प्रदर्शन भारतीय खेमे से न हो सका और यह टीम को परेशान करने के लिए काफी है. भारतीय गेंदबाज कप्तान तेम्बा बावुमा और रेसी वानडर डुसे को शतक बनाने से नहीं रोक सके. पूरे 50 ओवर तक खेलती रही दक्षिण अफ्रीकी टीम. असल में मध्य ओवर्स मे यानि 20 से 40 ओवर के बीच हमारे गेंदबाज एक भी विकेट नहीं ले सके. इसके विपरीत दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने भारत के छह विकेट निकाल लिये. वह भी तब जब मेजबान टीम के पास कगिसो रबाडा नहीं हैं, जिन्हें सीरीज में ‘रेस्ट’ पर रखा गया है.

भारतीय टीम ने 300 रन का फासला कई बार पार किया है पर परसो हुए मैच में यह टारगेट लगातार पहुँच से बाहर रहा . 297 रन तक पहुंचने की कोशिश में भारत ने आठ विकेट खो दिये और मैच 31 रन से गंवा दिया. मैच में शिखर धवन ने 79, विराट कोहली ने 51 और शार्दुल ठाकुर ने नाबाद 50 रन बनाये. बाकी बल्लेबाजों का हाल-‘आया राम, गया राम’ वाला रहा.

लोकेश राहुल के जल्दी आउट होने से शुरुआत तो खराब रही ही, विराट और धवन का साथ देने वाला भी कोई नहीं रहा. ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, वेंकटेश अय्यर और अश्विन के बल्ले से जिस योगदान की उम्मीद थी-वह नहीं मिला. टेस्ट की तरह वनडे में भी मध्यक्रम पर नये सिरे से सोचने की जरूरत है. डेब्यू करने वाले वेंकटेश अय्यर को गेंदबाजी के अंतिम विकल्प के तौर पर आजमाया जा सकता था, खासकर मिडिल ऑर्डर मे जब विकेट नही गिर रहे  थे. वेंकटेश बल्ले से भी नहीं चले.

भारत ने पिछली वनडे सीरीज 2018 में 5-1 से जीती थी और तब विराट कोहली पूरे फॉर्म में थे. उनके बल्ले से तीन शतक निकले थे. इस बार तीन मैचों की सीरीज है तो देखना है कि क्या भारत पार्ल के बाद केपटाउन में संडे को होने वाला तीसरा मैच भी जीतकर सुपर संडे मना पाता है या नहीं.

भारतीय क्रिकेट अब नये दौर में है जहां कप्तान और कोच बदले हुए हैं. विराट ने पहले ही टी-20 में कप्तानी छोड़ दी थी अब उन्होंने टेस्ट की कप्तानी भी छोड़ दी है. सेलेक्टर्स ने पहले ही उनसे वनडे की कप्तानी वापस ले ली थी. ऐसे में विराट के स्थान पर आने वाले नये कप्तान को वह सब कुछ हासिल करना चुनौती होगा जिसे विराट अपने नाम लिख चुके हैं. विराट के टेस्ट की कप्तानी छोड़ने के बाद रोहित शर्मा इस पद को संभालेंगे, यह तय लगता है-लेकिन इस बीच तुरुप का पत्ता फेंका है तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने. बुमराह ने कहा है कि अगर उन्हें कप्तानी सौंपी जाए तो यह सम्मान की बात होगी. बुमराह वैसे भी छोटे फॉमेंट में भारत के उपकप्तान बनाये जा चुके हैं. लेकिन बुमराह की बात को गंभीरता से लिया जाएगा, फिलहाल ऐसा लगता नहीं है.

इस बीच भारत ने टेस्ट में अपनी नंबर एक की पोजिशन भी गंवा दी है. अब भारत तीसरे स्थान पर फिसल गया है. जबकि आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड पहले दो स्थानों पर काबिज हैं. भारत की रैंकिंग नीचे गिरी है, उसके प्रदर्शन में गिरावट आई है और यही कारण है कि आईसीसी द्वारा घोषित 2021 के वनडे इलेवन में किसी भी भारतीय को जगह नहीं मिली है. वैसे टेस्ट इलेवन में रोहित शर्मा, ऋषभ पंत और आर. अश्विन को जरूर शामिल किया गया है. जबकि महिलाओं के टी-20 वर्ल्ड इलेवन में भारत की एकमात्र खिलाड़ी स्मृति मंधाना को जगह मिली है. इसके अलावा झूलन गोस्वामी और मिताली राज को वनडे टीम में शामिल किया गया है.

आपको याद होगा भारत की लगभग आधा दर्जन महिला क्रिकेटर्स ने पिछले साल आस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में हिस्सा लिया था. अब पुरुषों की बीबीएल में भी भारत के उन्मुक्त चंद ने अपना डेब्यू कर लिया है. उन्होंने मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए अब तक दो मैच खेले हैं. 2012 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे उन्मुक्त बीबीएल में खेलने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं.

इधर आईपीएल की नई फ्रेंचाइस लखनऊ और अहमदाबाद ने अपनी टीम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अहमदाबाद ने हार्दिक पांडया के अलावा राशिद खान को शामिल करने का मन बनाया है. जबकि लखनऊ ने लोकेश राहुल को कप्तान भी घोषित कर दिया है.  इंग्लैंड के क्रिकेटर बेन स्टोक्स ने अपनी तरफ से कह दिया है कि इस बार की नीलामी में वह शामिल नहीं होंगे.

अगले महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले वनडे और टी-20 सीरीज के मैच अब छह की जगह दो स्थानों अहम्दाबाद और कोलकाता तक सीमित किये जा सकते है. बीसीसीआई की टूर एंड फिक्सचर्र्स कमेटी ने इस बाबत अपना प्रस्ताव भी भेज दिया है. कमेटी का मानना है कि कोरोना के बढ़ते मामलो के कारण ऐसा किया जाना चाहिए. वैसे कहा यह भी जा रहा है कि आईपीएल के 12 और 13 फरवरी को बेंगलुरु में होने वाली आक्शन के कारण यह बदलाव हो रहा है. सीरीज के वनडे मैच 6 से 12 फरवरी तक और टी-20 के मैच 15 से 20 फरवरी तक होने हैं.

और अंत में पॉजिटिव खबर. भले ही वेस्टइंडीज में चल रहे अंडर-19 वर्ल्ड कप में कप्तान यश धुल और उपकप्तान शेख राशिद समेत छह खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हों, लेकिन भारत ने अपने ग्रुप के पहले दोनों मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली है. अब ग्रुप बी का टॉपर बनने के लिए भारत को कल अपने अंतिम लीग मैच में युगांडा से मुकाबला करना होगा.

भारत ने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को 45 रन से हराया था जिसमें कप्तान यश धुल ने 82 रन बनाये थे और साथ ही विकी कौशल ने पांच और राज बावा ने चार विकेट लिये थे. जबकि परसो खेले गये दूसरे मैच में भारत ने आयरलैंड को 174 रन से पराजित किया. इस मैच में ए रघुवंशी ने 79 और हरनूर सिंह ने 88 रन की पारी खेली थी. स्टैंड बाई कप्तान निशांत सिंधू ने भी 34 गेंदों पर 36 रन बनाये थे. रघुवंशी और हरनूर के बीच पहले विकेट के लिए हुई 164 रन की साझेदारी के कारण भारत ने 50 ओवर में पांच विकेट पर 307 रन का बड़ा  स्कोर खड़ा किया था.

तो यह था, हफ्ते भर की क्रिकेट सरगर्मियों पर आधारित हमारा पॉडकास्ट- सुनो दिल से. अगले हफ्ते फिर मिलेंगे, तब तक अनुमति दीजिए संजय बैनर्जी को और चलते रहिए न्यूज़18 के साथ, नमस्कार.

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