Podcast Suno Dil Se: भारतीय क्रिकेट के लिए IPL धर्म है, जिसे निभाए बिना बात नहीं बनती

  • May 28, 2021, 6:34 pm

Podcast Suno Dil Se: रबर की तरह खींचते खींचते जब आईपीएल इस महीने के शुरू में थक कर रुक गया, तो कवायद शुरू हुई की बाकी बचे मैच कब और कहां होंगे. लगातार मुश्किल होते हालात के बावजूद कोशिशें चलती रहीं और यदि हालात ने फिर कोई करवट नहीं बदली तो बाकी बचे 31 मैच सितंबर-अक्टूबर में कराए जाएंगे.



न्यूज18 के स्पेशल पॉडकास्ट ‘सुनो दिल से’ में आप सभी का स्वागत है. भारत में क्रिकेट एक जूनून है, तो भारतीय क्रिकेट के लिए आईपीएल एक धर्म, जिसे निभाए बिना बात बनती नहीं है. चाहे इसके लिए कुछ भी क्यों न करना पड़े. वजह भी साफ़ है कि आईपीएल से जिस तरह की कमाई होती है, वह किसी सीरीज से संभव नहीं है. अच्छी बात यह कि यह कमाई किसी खास वर्ग तक सिमटी नहीं है, खिलाड़ी हों, बोर्ड हो, अंपायर या सपोर्ट स्टाफ हों, फ्रेंचाइस हों या ब्रॉडकास्टर हों यानी हर किसी के लिए इंडियन प्रीमियर लीग में कुछ न कुछ ज़रूर है.

रबर की तरह खींचते खींचते जब आईपीएल इस महीने के शुरू में थक कर रुक गया, तो कवायद शुरू हुई की बाकी बचे मैच कब और कहां होंगे. लगातार मुश्किल होते हालात के बावजूद कोशिशें चलती रहीं और यदि हालात ने फिर कोई करवट नहीं बदली तो बाकी बचे 31 मैच सितम्बर-अक्टूबर में कराए जाएंगे. क्रिकेट जैसे खेल का इंटरनेशनल कैलेंडर इतना व्यस्त होता है की उसमे बदलाव आम तौर पर संभव नहीं होता. बहरहाल यूएई में सीजन-14 के बाकी मैचों का आयोजन सितम्बर-अक्टूबर में पूरा होना तकरीबन तय पाया गया है, अगर इतने मुशिकल हालात में भी ऐसा हो पाया तो यह सिर्फ आईपीएल और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ही जीत होगी.

हालांकि इसमें अब भी कई लेकिन कई किन्तु परन्तु शामिल हैं. भारत को इसी साल टी20 वर्ल्ड कप की भी मेजबानी करनी है, लेकिन भारत में इसका आयोजन तकरीबन नामुमकिन है, ऐसे में इसे भी यूएई में ही कराए जाने की उम्मीद है. वर्ल्ड कप 18 अक्टूबर से शुरू होगा और उससे पहले कम से कम एक पखवाड़े तक इन्टरनेशनल मैच नहीं होंगे. यानी आईपीएल के 31 मैच सितम्बर के अंत तक या अक्टूबर के शुरू होते ही ख़त्म हो जाने चाहिए. इंग्लैंड के साथ पांचवा टेस्ट 14 सितम्बर को ख़त्म होगा, और उसके अगले ही दिन टीम अगर यूएई के लिए निकलती भी है, तो भी 18-19 सितम्बर से पहले लीग के बाकी मैच शुरू नहीं हो सकते. हालाकि उसके बाद भी डबल हैडर के ज़रिये इस काम को अंजाम दिया जा सकता है. चूंकि ज़्यादातर खिलाड़ी इंग्लैंड में बायो बबल में होंगे इसलिए वहां से सीधे यूएई पहुंचकर खेल सकेंगे. दुबई में तो इस बात की इजाज़त मिल जाएगी, लेकिन संभवतः अबूधाबी में कम से कम एक सप्ताह का आइसोलेशन झेलना पड़ सकता है. फिर कैरीबियाई प्रीमिएर लीग भी 19 सितम्बर को समाप्त होगी, वेस्टइंडीज़ की तकरीबन पूरी टीम ही आईपीएल में शामिल होती है, ऐसे में या तो सीपीएल के शेड्यूल को हिलाना होगा, या फिर उनके बिना ही शुरुआत कर देनी होगी. इंग्लैंड बोर्ड ने साफ़ कर दिया है, कि उनके खिलाड़ियों की प्राथमिकता टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी होगी, न कि आईपीएल. एश्ले जाइल्स ने यह भी कहा है कि भारतीय बोर्ड से इस तरह का कोई अनुरोध भी नहीं मिला है, और भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली सीरिज़ के शेड्यूल में परिवर्तन भी संभव नहीं है. सितंबर में साउथ अफ्रीका के साथ खेली जाने वाली टी20 सीरिज़ को भी संभवतः रद्द करना पड़ेगा और नवंबर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचो की सीरीज़ को भी आगे ले जाना होगा. उम्मीद है की कल इस सिलसिले में होने वाली बीसीसीआई की जनरल बॉडी की इमरजेंसी मीटिंग में बहुत कुछ साफ़ हो जाएगा. इस बैठक के तुरंत बाद आईसीसी की बैठक सोमवार को होगी, और उसमें संभवतः टी20 वर्ल्ड कप वेन्यू शिफ्टिंग की भारतीय योजना पर मोहर लगा दी जाएगी.

आईपीएल की दावेदारी की मंशा कुछ और देशों ने भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर दिखाई थी, लेकिन अब वो बातें पुरानी हो चुकी हैं. यूएई ने ही पिछले साल भी आईपीएल का आयोजन किया था और फिलहाल पाकिस्तान प्रीमियर लीग के बाकी बचे मैच भी वहां जून के पहले सप्ताह से खेले जाएंगे.

हालांकि, समस्या मैदानों को लेकर भी हो सकती है, आईपीएल के 31 मैच वहां खेले जाएंगे और वर्ल्ड कप के कुछ क्वालिफिकेशन मैच भी होंगे. कुल मिलाकर तीन मैदानों पर 75 मैचों का अनुमान है, ज़ाहिर है इतनी संख्या में मैच होने से पिच पर प्रतिकूल असर होगा, ऐसे में यह भी हो सकता है कि इस बार ओमान को भी शामिल कर लिया जाए, बशर्ते बॉर्डर सहित आइसोलेशन से जुड़े मुद्दों पर सहमति बन सके. शायद दुनिया के किसी भी क्रिकेट बोर्ड के लिए इंटरनेशनल कैलेंडर हिलाकर आईपीएल के लिए समय निकाल पाना असंभव था, लेकिन बीसीसीआई के लिए यह असंभव नहीं लेकिन आसान भी नहीं होगा.

अपने पिछले पॉडकास्ट में हमने रमेश पोवार के भारतीय महिला टीम का नया कोच चुने जाने की खबर दी थी.  नया यह है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने डब्ल्यूवी रमन को नहीं चुनने पर नाखुशी ज़ाहिर की है. गांगुली का मानना है रमन ने टीम को टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचाया, ऐसे में उन्हें हटाया जाना ठीक नहीं लगता. जैसा कि आप जानते हैं मदन लाल के नेतृत्व में क्रिकेट एडवाइसरी कमिटी ने इस पद के लिए रमेश पोवार को चुना था. इस तरह की बातों से अपनी ही संस्था के भीतर चुनी गई कमिटी के प्रति उनका अविश्वास झलकता है. यही नहीं रमेश पोवार जिनके चयन पर कमिटी ने मुहर लगा दी है, उन पर भी दबाव पड़ेगा, क्योंकि गांगुली अब खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष हैं.

2021 का साल क्रिकेट के नज़रिए से अब तक भले ही अच्छा न रहा हो, लेकिन महिला क्रिकेटरों के लिए यह खुशियों की सौगात वाला साल रहा है. महिलाओं को डे-नाइट टेस्ट खेलने का पहली बार मौका मिलेगा. सात साल बाद उनके खाते में पहला टेस्ट आएगा और 14 साल में पहली बार होगा जब एक ही साल में भारतीय महिला टीम दो टेस्ट खेलेगी. उस पर सोने पर सुहागा यह कि इन महिला क्रिकेटरों को अब उस इनामी राशि से हिस्सा मिलने वाला है जिसे भारतीय टीम ने पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचकर हासिल किया था. बीसीसीआई ने इस सिलसिले में सभी प्लेयर्स को औपचारिकता पूरी करने को कहा है. भारतीय महिलाओं को कम क्रिकेट खेलने का मौका मिलता है और उनकी कमाई भी कम होती है. लेकिन इस साल इनामी राशि के साथ-साथ इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज खेलने के अलावा सालाना कांट्रैक्ट से मिलने वाली राशि का भी इन्हें फायदा होगा.

यानी कोरोना के दौरान जब सभी की आमदनी पर विपरीत असर पड़ रहा है, परिवर्तन के तौर पर भारतीय महिलाओं के लिए शायद मुद्रा के मामले में अब तक का यह सबसे शानदार साल रहा है. तो बस आज का सफ़र यही तक, अगले शुक्रवार नए पॉडकास्ट के साथ फिर मिलेंगे, आज्ञा दीजिए संजय बैनर्जी को, और चलते रहिए न्यूज़18 के साथ.

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