IPL Podcast: CSK का कलेजा मुंह को आया, पर धोनी ने नहीं खोया आपा, जीत की दहलीज पर बिखरा KKR

  • October 16, 2021, 1:51 pm

Podcast Suno Dil Se: महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स को जिस तरह आईपीएल 2021 (IPL 2021) का चैंपियन बनाया उससे साफ हो जाता है कि आईपीएल का मतलब है एमएस धोनी (MS Dhoni) और धोनी का मतलब चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) है. यह अलग बात है कि कोलकाता नाइटराइडर्स (Kolkata Knight Riders) ने 193 रन चेज के लिए जैसी शुरुआत कि उससे एक समय सीएसके का कलेजा भी मुंह को आ गया था.



नई दिल्ली. स्वागत, हफ्ते भर की क्रिकेट सरगर्मियों को समेटे मैं हाजिर हूँ। स्वीकार कीजिए संजय बैनर्जी का नमस्कार- सुनो दिल से. धोनी का बल्ला लंबे समय से खामोश है. इसके बावजूद चेन्नई सुपर किंग्स के टीम प्रबंधन का भरोसा उन पर कम नहीं हुआ. इसकी वजह अब किसी से छिपी नहीं है. भारतीय क्रिकेट मे महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट का सबसे बेहतरीन दिमाग माना जाता है, और धोनी ने यह एक बार फिर साबित भी कर दिया है. उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स को जिस तरह आईपीएल के 14वें संस्करण में चैंपियन बनाया उससे साफ हो जाता है कि आईपीएल का मतलब है महेंद्र सिंह धोनी और धोनी का मतलब चेन्नई सुपर किंग्स है. कल रात फाइनल मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर खुद को चौथी बार चैंपियन बनाया. आईपीएल में रोमांच है तो यह रोमांच फाइनल तक जाना चाहिए और हुआ भी ऐसा ही. यह अलग बात है कि चेन्नई ने फाइनल 27 रन के फासले से जीता, पर मैच में रफ्तार बनी रही. कोलकाता ने 193 रन चेज के लिए जैसी शुरुआत कि उससे एक समय सीएसके का कलेजा भी मुंह को आ गया, लेकिन धोनी के धुरंधरों के बनाए विशाल स्कोर के दबाव मे आखिर नाइट राइडर्स को चटकना ही पड़ा. शुभमन गिल और वेंकटेश अय्यर की विस्फोटक शुरुआत के बाद भी कोलकाता को जीत नहीं मिल सकी. दोनों के आउट होते ही बाकी बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए. फाइनल में कोलकाता की ठोस शुरुआत और शुभमन गिल के 51 और वेंकटेश अय्यर के 50 रन भी आखिर नाइट राइडर्स को जीत नहीं दिला सके.

इससे पहले ऋतुराज गायकवाड ने 32 और फाफ डू प्लेसी ने 86 रन की सॉलिड शुरुआत कर चेन्नई की नींव को मजबूत किया. अपना सौवां मैच खेल रहे डू प्लेसी को मैन ऑफ द फाइनल के अवार्ड से नवाजा गया. डू प्लेसी जरूरत पड़ने पर अक्सर ऐसी पारियां खेल जाते हैं और इस बार भी उन्होंने वही किया.

अपने 300वें टी20 कप्तानी मैच में धोनी ने गेंदबाजों का इस्तेमाल जिस तरह किया वह शानदार था. कोलकाता के खिलाफ उन्होंने जिनको गेंद थमाई, सबने विकेट झटके. शार्दुल ठाकुर ने फाइनल में भी तीन विकेट लेकर टीम इंडिया में अक्षर पटेल की जगह शामिल होने को सही साबित किया.

पिछले सीजन मे सीएसके की टीम लीग की निचली पायदान पर सातवें नंबर पर थी, और इस बार उसने खिताब जीत लिया, यानि धोनी की अगुवाई मे सिर्फ दो सीजन मे टीम ने फर्श से अर्श तक का सफर तय कर लिया. चेन्नई टीम प्रबंधन ने लगातार धोनी पर भरोसा जताया तो धोनी ने अपनी टीम पर, यही वजह है कि लीग के दौरान सीएसके ने ही सबसे कम खिलाड़ियों को बदला, और वह लगातार अच्छा करते रहे. यही नहीं धोनी की टीम को डैड्स आर्मी भी कहा जाता था, लेकिन आखिर अनुभव और युवा जोश के घातक संतुलन से इस टीम ने बाजी मार ही ली.

दूसरी तरफ कोलकाता भले ही फाइनल मे हार गया हो, लेकिन इसे उसकी नाकामी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. तमाम मजबूत टीमों के रहते फाइनल तक का सफर इसने तय किया और ऑयन मोर्गन ने भी यह जता दिया की धोनी की तरह वह भी रणनीति के कुशल चितेरे हैं. वैसे लीग के दौरान धोनी की ही तरह मॉर्गन के बल्ले का भी कोई खास असर देखने को नहीं मिला.

दिल्ली कैपिटल इस बार भी उभरकर सामने आई थी. लेकिन सारा सफर फ्रन्ट से लीड करके नॉक आउट दौर मे ही किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. दूसरे क्वालीफायर में हुई चूक ने फाइनल से उसे वंचित कर दिया. कप्तान ऋषभ पंत के लिए यह झटके की तरह रहा, पर यह भी सही है कि उसने खुद को काफी हद तक बेहतर साबित किया है.

विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के लिए इस बार बेहतर करने का मौका था. खासकर तब जब की प्लेऑफ मे टीम को जगह मिली, उम्मीद यही थी की अपने आखिरी सीजन मे कप्तानी कर रहे कोहली शायद जाते जाते कोई खिताब अपने नाम कर पाएंगे, लेकिन संभव न हुआ.

मुंबई इंडियंस की इस बार हालत शुरू से अंत तक खराब रही। आखिरी लीग मैच जीतने के बावजूद आईपीएल की सबसे सफल टीम प्ले ऑफ में नही पहुंच सकी. उनके फैंस के लिए यह बड़ी निराशा वाली बात रही। रोहित शर्मा नहीं चल पाए और आईपीएल के सबसे सफल कप्तान भारतीय टी20 टीम की कप्तानी का संभावित मौका मिलने से पहले अपने प्रशंसकों को प्रभावित नहीं कर सके.

नाम बदलना पंजाब किंग्स को फिर रास नहीं आया और लोकेश राहुल का फॉर्म में होना किसी काम न आया. बाकी टीमों में राजस्थान और हैदराबाद ने भी निराश ही किया.

अब कल से टी 20 वर्ल्ड कप शुरू होना है. आईपीएल मे बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम मे दो युवा, लेकिन जबर्दस्त बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड और वेंकटेश अय्यर की कमी खलेगी. ऋतुराज तो सबसे ज्यादा रन बनाने वाला खिलाड़ी भी हैं. आरसीबी के हर्षल पटेल ने सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं.

वैसे आईपीएल का असर वर्ल्ड कप में क्या पड़ता है, यह देखना है. भारत को इस बार नई जर्सी मे अपना पहला मैच एक हफ्ते बाद खेलना है. भारत और पाकिस्तान जब एक दूसरे के खिलाफ क्रिकेट मैदान पर होते हैं तो चिंगारी नहीं निकलती आतिशबाजी होती है. भारतीय टीम मैच से पहले दो वार्मअप गेम भी खेलेगी जिससे तालमेल बनाने में मदद मिलेगी. भारत के लिए यह मुकाबला सबसे महत्वपूर्ण है, आज तक पाकिस्तान से यह टीम वर्ल्ड कप में जीतती आई है. मतलब प्रेशर भारत पर है.

शार्दुल ठाकुर के टीम में आने से गेंदबाजी जरूर बेहतर हुई है. भारत ने अपने प्लेयर्स को बेहतर अभ्यास के लिए कुछ खिलाड़ियों को नेट के लिए शामिल किया है. आवेश खान के अलावा उमरान मलिक और वेंकटेश अय्यर शामिल हैं.

इस बार के वर्ल्ड वर्ल्ड कप में विजेता को 12 करोड़ की राशि मिलेगी जबकि कुल इनाम राशि 42 करोड़ है. साथ ही आईसीसी ने यूएई और ओमान में होने वाले इस टी 20 वर्ल्ड कप में पहली बार डीआरएस का नियम लागू किया है. इसके अलावा ढाई मिनट का ब्रेक भी रखा है. नामीबिया और पापुआ न्यू गिनी पहली बार टी 20 वर्ल्ड कप में खेलेंगे.

कल से हो रहे विश्व कप के पहले चरण में 8 देश दो ग्रुपों में राउंड एक यानी क्वालीफायर से शुरुआत करेंगे. 22 अक्टूबर को क्वालीफायर राउंड पूरा होगा. दोनों ग्रुप से दो दो टीमें सुपर 12 राउंड में खेलेंगी जहां पहले से ही चोटी की आठ टीमें मौजूद हैं.

इस बीच भारतीय महिलाओं ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा पूरा कर लिया है. टेस्ट ड्रॉ करने के बावजूद भारत ने वन डे और टी 20 सीरीज गवां दी है. इस सीरीज के प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ियों की रैंकिंग गिरी है. पहले मिताली राज ने वन डे में पहला स्थान खोया, अब शेफाली वर्मा ने भी टी20 में अव्वल स्थान गवां दिया है. बावजूद इसके, ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुई बिग बैश लीग में भारत की आठ खिलाड़ी खेल रही हैं. इतनी बड़ी संख्या में भारतीयों का विदेशी लीग में खेलना उपलब्धि कही जा सकती है.

आज के इस पॉडकास्ट मे इतना ही, अगले हफ्ते क्रिकेट सरगर्मियों के साथ हम फिर हाजिर होंगे, तब तक के लिए संजय बैनर्जी को इजाजत दीजिए, और चलते रहिए न्यूज़ 18 के साथ.

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