Podcast, Sports Bulletin: हॉकी में 41 साल बाद मिला ओलंपिक मेडल, जानिए कैसे रचा टीम इंडिया ने इतिहास

  • August 5, 2021, 8:22 pm

टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में भारत ने हॉकी में ब्रॉन्ज मेडल (India Mens Hockey Team Bronze Medal) जीता. भारतीय टीम को 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक मेडल मिला है. जानिए कैसे टीम इंडिया ने ये जीत हासिल की और ओलंपिक में कैसा रहा खिलाड़ियों का प्रदर्शन. सुनिये न्यूज़ 18 हिन्दी पॉडकास्ट में साप्ताहिक स्पेशल स्पोर्ट्स बुलेटिन.



नई दिल्ली. नमस्कार….न्यूज़ 18 हिन्दी पॉडकास्ट के साप्ताहिक स्पोर्ट्स बुलेटिन के साथ मैं हूं नवीन श्रीवास्तव. आप सभी का स्वागत है. इस एपिसोड में चर्चा हॉक-हॉकी और सिर्फ हॉकी पर.. .
भारतीय पुरुष हॉकी टीम (India Men’s Hockey Team Bronze Medal) ने ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में 41 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर पदक जीत कर देश को गौरवान्वित किया है. टोक्यो ओलंपिक में भारत ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में जर्मनी पर 5-4 से रोमांचक जीत दर्ज कर कांस्य पदक अपने नाम किया. इसके पहले भारत ने 1980 मॉस्को ओलंपिक में स्पेन को 4-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था. ओलंपिक हॉकी इतिहास में सबसे अधिक पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का ओलंपिक में यह तीसरा कांस्य पदक है. इससे पहले उसने 1968 और 1972 में कांस्य पदक जीता था. टोक्‍यो ओलंपिक में इस पदक के साथ अब ओलंपिक हॉकी में भारत के कुल पदकों की संख्या 12 हो गई है, जिसमें 8 स्वर्ण , 1 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं. भारत ने ओलंपिक में आठ बार 1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964 और 1980 में स्वर्ण पदक, 1960 से रजत पदक और 1968, 1972 और 2021 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय टीम की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए बधाई दी है.

जैसा आप जानते ही हैं कि टोक्यो ओलंपिक हॉकी स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को विश्व चैंपियन बेल्जियम से 5-2 से हार का सामना करना पड़ा था और वह फाइनल की दौड़ से बाहर हो गई थी, लेकिन इस हार के बाद भी भारत की मेडल जीतने की उम्मीद बनी हुई थी और यह उम्मीद हक़ीक़त में तब्दील होने से भारतीय खेलप्रेमी झूम उठे.

भारत ने पिछड़ने के बाद की दमदार वापसी
कांस्य पदक के लिए जर्मनी के खिलाफ खेले गए इस अहम मुकाबले में भारतीय टीम ने ज़बरदस्त संघर्ष क्षमता का परिचय दिया और 1-3 से पिछड़ने के बाद मैच में न सिर्फ शानदार वापसी की बल्कि मुकाबला 5-4 से जीत कर ओलंपिक में एक बार फिर अपना पदक जीतने का सपना साकार कर दिया. भारत की तरफ से सबसे अधिक दो गोल सिमरनजीत सिंह ने किए. रुपिंदर पाल सिंह, हार्दिक और हरमनप्रीत सिंह एक-एक गोल करने में कामयाब हुए. इस मैच में भी श्रीजेश ने बेहतरीन गोल कीपिंग का प्रदर्शन किया. रोमांचक व कांटे के इस मुकाबले की अगर हम क्वार्टर दर क्वार्टर बात करें तो जर्मनी ने शानदार शुरुआत की और उसने खेल के दूसरे ही मिनट में गोल दाग़ कर पहले क्वॉर्टर में एक गोल की बढ़त बना ली. पहले क्वार्टर में जर्मनी को चार पैनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय टीम उसे विफल करने में में कामयाब रही.

दूसरे क्वॉर्टर में भारतीय टीम ने अच्छी शुरुआत की और 17वें मिनट में सिमरनजीत सिंह ने जर्मन गोलकीपर को चकमा देकर टीम के लिए पहला गोल किया और स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला दिया. इसके बाद जर्मनी ने एक मिनट के अंदर लगातार दो गोल करके भारत को दबाव में ला दिया. 24वें मिनट में निकलास वेलेन ने अपना पहला और टीम के लिए दूसरा गोल किया. अगले ही मिनट बेनेडिक्ट ने गोल दाग कर जर्मनी को 3-1 से बड़ी बढ़त दिला दी. खेल के 27वें मिनट में पैनल्टी कॉर्नर को हार्दिक सिंह ने गोल में तब्दील किया. दूसरे क्वार्टर के समाप्त होने से पहले 29वें मिनट में हरमनप्रीत ने गोल गोल करके भारत की मैच में शानदार वापसी करा दी. और मैच को 3-3 की बराबरी पर ला दिया.

खेल के तीसरे क्वॉर्टर में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा और भारत ने जर्मनी पर 2 गोल दागकर उसे दबाव की स्थिति में ला दिया. तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में रुपिंदर ने पैनल्टी स्ट्रोक को सीधा गोलपोस्ट में डाला और भारत को 4-3 की अहम बढ़त दिला दी. भारत ने तीसरे क्वार्टर के शुरू होने के बाद 34वें मिनट में सुमित के पास पर सिमरनजीत सिंह ने शानदार गोल किया . इसी के साथ भारत जर्मनी से 5-3 की की एक अहम और बड़ी बढ़त ले चुका था. इस क्वार्टर में जर्मनी को कई पैनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने उसे विफल कर दिया.
चौथे क्वार्टर यानि अंतिम 15 मिनट के अहम खेल से पहले 5-3 से की बढ़त के साथ भारत कांस्य पदक जीतने की ओर मज़बूती से कदम बढ़ा चुका था.

वैसे चौथा क्वार्टर शुरू होने के साथ ही 48वें मिनट में जर्मनी के लिए पैनल्टी कॉर्नर पर विंडफेडर ने गोल कर स्कोर को 5-4 पर ला दिया. आखिरी के पांच मिनट और जर्मनी को एक और पैनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने शानदार बचाव किया. मैच में जर्मनी को कुल 10 पैनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन उसे वह एक भी गोल में तब्दील नहीं कर सका.

भारतीय हॉकी टीम को सलाम कर रहा है देश
टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद भारत की पुरुष हॉकी टीम को बधाई देने का सिलसिला जारी है. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी भारतीय टीम को बधाई दी है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘हमारी पुरुष हॉकी टीम को 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने के लिए बधाई. ये ऐतिहासिक जीत हॉकी में एक नए युग की शुरुआत करेगी और युवाओं को खेल में आगे बढ़ने और उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई देते हुए ट्वीट में लिखा, ‘ऐतिहासिक! एक ऐसा दिन, जो हर भारत की इतिहास में अंकित होगा. कांस्य पदक जीतने के लिए हमारी पुरुष हॉकी टीम को बधाई. इस उपलब्धि के साथ, उन्होंने पूरे देश, खासकर हमारे युवाओं की कल्पना पर कब्जा कर लिया है. भारत को अपनी हॉकी टीम पर गर्व है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट में लिखा, ‘बधाई, टीम इंडिया. प्रत्येक भारतीय के लिए बेहद गर्व और खुशी का क्षण है कि हमारी पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो 2020 में कांस्य पदक जीता है. आपने पूरे देश को गौरवान्वित किया है.’

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया है ‘टीम इंडिया को हॉकी में कांस्य पदक जीतने पर बधाई. आप धैर्य के साथ खेले और एक इतिहास बनाया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा, ‘भारत के लिए कितना भावुक क्षण! हॉकी टीम ने रचा इतिहास. बधाई हो टीम हॉकी! बधाई हो भारत!’ राहुल गांधी ने टीम को बधाई देते हुए लिखा, ‘भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई! यह एक बड़ा क्षण है, आपकी उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है.’ वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘हमारी हॉकी टीम को हार्दिक बधाई. हमें आप सभी पर गर्व है. ‘इसके अलावा खेल जगत से से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम की इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है.

न्यूज़ 18 हिन्दी पॉडकास्ट के साप्ताहिक स्पेशल स्पोर्ट्स बुलेटिन में आज इतना ही. ताजतरीन खेल खबरों और नए ऐपिसोड के साथ हम आपसे फिर मुख़ातिब होंगे. तब के लिए नवीन श्रीवास्तव को इजाज़त दीजिए। नमस्कार।

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