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HTP : क्या तीन तलाक़ बिल के ख़िलाफ़ रोड़ा अटकाने वाले महिला अधिकार विरोधी हैं?

December 18, 2018, 11:18 pm

देश की सबसे बड़ी अदालत कह चुकी है कि तीन तलाक ग़ैर क़ानूनी है. मुस्लिम महिलाओं का बड़ा तबका इसे भेदभाव भरा, शोषण और अत्याचार का प्रतीक मानता है. दुनिया के बड़े-बड़े इस्लामिक मुल्कों सहित 23 देशों में इस पर पाबंदी है. लेकिन हिन्दुस्तान की सियासत और पुरुषवादी सोच के ग़ुलाम लोग तुरन्त तीन तलाक़ में कुछ ग़लत नहीं देख रहे. कुछ की नज़र में तुरन्त तीन तलाक़ बिल का समर्थन BJP की दलाली है, पुरुषों को महिला से छुटकारा पाने के लिए तो तुरन्त तीन तलाक़ का हक़ चाहिए, लेकिन यही हक़ वो महिलाओं को देने को तैयार नहीं. ऐसे में क्यों न माना जाए कि तुरन्त तीन तलाक़ जैसी कुरीति लैंगिक भेदभाव, महिला अत्याचार और शोषण का हथियार है. तुरन्त तीन तलाक़ के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान के जिस तरह के बयान आए है वो झकझोर देने वाले हैं.

प्रीति रघुनंदन
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