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जानें यूपी के इस शहर में है ‘पा’ का रियल लाइफ ‘औरो,

हिंदी सिनेमा के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की यादगार फिल्म ” पा ” के उस अनोखे बच्चे ” औरो” के दर्द को कौन भूल पायेगा जो प्रोजेरिया नाम की एक ऐसी बीमारी का शिकार था. वहीं यूपी में इस लाइलाज और अनोखी बीमारी से शिकार पहला बच्चा इलाहाबाद में मिला है.

Sarvesh Dubey | ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 5, 2017, 2:47 PM IST
जानें यूपी के इस शहर में है ‘पा’ का रियल लाइफ ‘औरो,
इलाहाबाद का रुपेश इस लाइलाज बीमारी प्रोजेरिया से ग्रसित है
Sarvesh Dubey | ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 5, 2017, 2:47 PM IST
हिंदी सिनेमा के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की यादगार फिल्म ” पा ” के उस अनोखे बच्चे ” औरो” के दर्द को कौन भूल पायेगा जो प्रोजेरिया नाम की एक ऐसी बीमारी का शिकार था. वहीं यूपी में इस लाइलाज और अनोखी बीमारी से शिकार पहला बच्चा इलाहाबाद में मिला है.

रुपेश इस लाइलाज बीमारी प्रोजेरिया से ग्रसित है जो 21 साल की उम्र में भी सौ साल से अधिक उम्र का दिखता है. शहर से 22 किलोमीटर दूर हनुमानगंज के घनैचा गांव के रहने वाले रुपेश के मां बाप के मुताबिक़ रुपेश चार भाइयो के बीच सबसे बड़ा बेटा है.

रुपेश पहले सामान्य बच्चों जैसा था लेकिन जैसे जैसे उसकी उम्र बढ़ती गई उसके जिस्म में चौकाने वाले बदलाव सामने आने लगे.रुपेश का सर बेडोल हो गया.  मुंह में 32 की जगह 70 दांत निकल आए और शरीर छोटा होने लगा.

बता दें, कि 21 साल के रुपेश आज भी बच्चों जैसी बातें करते हैं और संतरा केला बिस्किट को देखकर किसी छोटे बालक की तरह मचल जाते हैं. रुपेश के पिता राजपति बेहद गरीब हैं और रुपेश का इलाज कराने में भी असमर्थ.

किसी तरह यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया तो रूपेश की किस्मत बदल गयी. जिलाधिकारी संजय कुमार ने परिजनों को नगद आर्थिक मदद के अलावा सीएमओ और प्रिंसिपल मेडिकल कालेज को आदेश दिया है कि हर पन्द्रह दिन पर रुपेश का रुटीन चेकअप करायें.

इतना ही नहीं परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद के लिये भी लिखा गया है. परिजनों को आवास देने की भी कवायद शुरू हो गयी है. जिलाधिकारी ने रुपेश को बचाने के लिये हर संभव कोशिश भरोसा दिलाते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो उसे एसजीपीजीआई और एम्स भी ले जायेगा.

दरअसल इस बीमारी के बच्चों की उम्र बहुत कम होती है.15-20 साल ही जीवित रहने वाले इन बच्चों के बीच रुपेश 21 साल की उम्र तक जीवित है. चिकित्सकों को भरोसा है कि अगर रुपेश की देखभाल होती रही तो वह लम्बी आयु तक जीवित रह सकता है.
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