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सुप्रीम कोर्ट ने लगाई नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक, गंगा में फिर शुरू हो सकेगा खनन

सुप्रीम कोर्ट ने आज नैनीताल हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें गंगा में खनन पर रोक लगाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद गंगा में फिर से खनन शुरू हो सकेगा.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 5, 2017, 1:06 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक, गंगा में फिर शुरू हो सकेगा खनन
सुप्रीम कोर्ट ने आज नैनीताल हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें गंगा में खनन पर रोक लगाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद गंगा में फिर से खनन शुरू हो सकेगा.
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Updated: May 5, 2017, 1:06 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने आज नैनीताल हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें गंगा में खनन पर रोक लगाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद गंगा में फिर से खनन शुरू हो सकेगा.

उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गंगा में खनन की अनुमति के लिए गुहार लगाई थी. पिछले महीने 24 अप्रैल को इस मामले पर सुनवाई होनी थी. लेकिन मामले में अगली सुनवाई 5 मई तक टल गई थी.

गौरतलब है कि दिसंबर, 2016 में गंगा में रेत के खनन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी. गंगा में खनन एक बेहद संवेदनशील मामला है. हरिद्वार स्थित मातृ सदन के स्वामी इस पर आमरण अनशन कर चुके हैं.

सरकार का तर्क था कि खनन से हजारों परिवारों की रोजी रोटी चलती है और सरकार को भी राजस्व काफी राजस्व मिलता है, इसलिए गंगा में खनन की अनुमति दी जाए.सुप्रीम कोर्ट ने आज हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए गंगा में खनन की अनुमति दे दी है .

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खनन निदेशक विनय शंकर पांडेय ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्तराखंड को राहत मिली है. उन्होंने कहना है कि याचिका मे राजस्व और बाढ़ नियंत्रण को राज्य सरकार ने आधार बनाया था. जिसमें कहा गया था कि गंगा में खनन नहीं होने से हरिद्वार और आसपास बाढ़ का ख़तरा बढ़ जाता है. पांडेय का कहना है कि वन विकास निगम के माध्यम से गंगा में खनन किया जाएगा.
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