VIDEO: यहां लगती है 'भगवान' की क्लास...अदालत सुनाती है देवताओं को सजा

कोंडागांव03:34 PM IST Sep 11, 2018

बस्तर जिले के केशकाल में भाद्रपक्ष द्वादशी के दिन गांव के देवी-देवताओं के साल भर के कृत्य का आंकलन किया जाता है. इसके लिए अदालत लगाई जाती है. खराब कृत्य वाले भगवान को उनकी गलती के हिसाब से सजा दी जाती है. इसमें सस्पेंड किए जाने से लेकर कारावास तक की सजा है. ग्राम देवताओं की इस अनोखी अदालत में 9 परगना यानी 500 गांव के लोग अपने देवी-देवताओं को लेकर केशकाल भंगाराम माई के दरबार पहुंचते हैं. यहां देवी देवताओं के साल भर के कृत्य का आंकलन किया जाता है. इस परम्परा के जानकार सुमेर सिंह नाग ने बताया कि देवी-देवताओं के कार्यों की समीक्षा के बाद जो सफल होता है उसकी पूजा की जाती है और जो असफल होता है उनका दंड के रूप में विसर्जन कर दिया जाता है.

Vivek Shrivastava

बस्तर जिले के केशकाल में भाद्रपक्ष द्वादशी के दिन गांव के देवी-देवताओं के साल भर के कृत्य का आंकलन किया जाता है. इसके लिए अदालत लगाई जाती है. खराब कृत्य वाले भगवान को उनकी गलती के हिसाब से सजा दी जाती है. इसमें सस्पेंड किए जाने से लेकर कारावास तक की सजा है. ग्राम देवताओं की इस अनोखी अदालत में 9 परगना यानी 500 गांव के लोग अपने देवी-देवताओं को लेकर केशकाल भंगाराम माई के दरबार पहुंचते हैं. यहां देवी देवताओं के साल भर के कृत्य का आंकलन किया जाता है. इस परम्परा के जानकार सुमेर सिंह नाग ने बताया कि देवी-देवताओं के कार्यों की समीक्षा के बाद जो सफल होता है उसकी पूजा की जाती है और जो असफल होता है उनका दंड के रूप में विसर्जन कर दिया जाता है.

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