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बदहाली में जीने को मजबूर हुए पंखा बनाने के कारीगर

उत्तर प्रदेश ETV UP/Uttarakhand| June 5, 2014, 12:59 PM IST

घटती मांग और सुख सुविधाओं के बढ़ते वैज्ञानिक संसाधनो के चलते बांस के पंखो का प्रचलन लगातार कम होता जा रहा है। ऐसे में इन पंखो को बनाने वाले कारीगर बदहाली का शिकार हैं, जिसकी वजह से इस व्यवसाय में लगे कारीगर हजारों साल पुरानी इस हस्तशिल्प कला से मजबूरन मुंह मोड़ रहे है। फटेहाल जिंदगी गुजार रहे इन कारीगरों को सरकारी मदद के नाम पर भी आज तक कुछ हासिल नहीं हुआ है।

News18india.com
First published: June 5, 2014, 12:59 PM IST

घटती मांग और सुख सुविधाओं के बढ़ते वैज्ञानिक संसाधनो के चलते बांस के पंखो का प्रचलन लगातार कम होता जा रहा है। ऐसे में इन पंखो को बनाने वाले कारीगर बदहाली का शिकार हैं, जिसकी वजह से इस व्यवसाय में लगे कारीगर हजारों साल पुरानी इस हस्तशिल्प कला से मजबूरन मुंह मोड़ रहे है। फटेहाल जिंदगी गुजार रहे इन कारीगरों को सरकारी मदद के नाम पर भी आज तक कुछ हासिल नहीं हुआ है।

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