कसोल में 222 वर्ष बाद मनाया जा रहा काहिका उत्सव

कुल्‍लू05:19 PM IST Aug 01, 2018

कुल्लू जिले की धार्मिक एवं पर्यटन नगरी मणिकर्ण घाटी के कसोल में काहिका उत्सव चल रहा है. दो अगस्त तक चलने वाला यह उत्सव 222 वर्षों के बाद मनाया जा रहा है. यह उत्सव कसोल के देवता नारायण के सम्मान में मनाया जाता है. इस उत्सव में ग्राहण के रावल ऋषि, दुर्वासा ऋषि, देवता चव्यन, माता काली कसोल, देवता अग्नपाल पाथला, नैना माता मणिकर्ण, देवता काली नाग मतेउडा, माता पंचासन मतेउड़ा, देवता जोड़ा नारायण कशाधा, देवता कपिल मुनि बरशैणी, जमलू देवता आदि शामिल होंगे. घाटी में 222 वर्षों के बाद यह इतिहास दोहराया जाएगा. काहिका के आयोजन को लेकर कसोल व संपूर्ण पार्वती घाटी के लोगों को खासा उत्साह है.

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कुल्लू जिले की धार्मिक एवं पर्यटन नगरी मणिकर्ण घाटी के कसोल में काहिका उत्सव चल रहा है. दो अगस्त तक चलने वाला यह उत्सव 222 वर्षों के बाद मनाया जा रहा है. यह उत्सव कसोल के देवता नारायण के सम्मान में मनाया जाता है. इस उत्सव में ग्राहण के रावल ऋषि, दुर्वासा ऋषि, देवता चव्यन, माता काली कसोल, देवता अग्नपाल पाथला, नैना माता मणिकर्ण, देवता काली नाग मतेउडा, माता पंचासन मतेउड़ा, देवता जोड़ा नारायण कशाधा, देवता कपिल मुनि बरशैणी, जमलू देवता आदि शामिल होंगे. घाटी में 222 वर्षों के बाद यह इतिहास दोहराया जाएगा. काहिका के आयोजन को लेकर कसोल व संपूर्ण पार्वती घाटी के लोगों को खासा उत्साह है.

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