VIDEO: जेल में कैदियों ने मनाया महापर्व छठ, की भगवान भास्कर की आराधना

चतरा09:15 PM IST Nov 14, 2018

जेल में बंद कैदियों ने भी लोक आस्था का महापर्व को भक्ति भाव के साथ मनाया. चतरा जेल प्रशासन ने ही बकायदा इसके लिए व्यवस्था भी की. जेल परिसर भी छठ के गीतों से गुंजायमान रहा. जिला मुख्यालय स्थित मंडल कारा में भी छठ पर्व भक्ति-एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया. जेल प्रशासन ने छठ पर्व के लिये विशेष व्यवस्था की गई थी. मंडल कारागार परिसर भी छठी मईया के गीतों से गुंजायमान हो रहा है. यहां विभिन्न आपराधिक व नक्सल मामलों में बंद महिला और पुरुष बंदी भी आस्था की गंगा में जमकर डुबकी लगाई. मंडल कारागार में बंद पांच महिला बंदी इस वर्ष छठ कर रही हैं जो नेम-निष्ठा के साथ डूबते सूर्य को अर्ध्य अर्पित कर अपने गुनाहों की मांफी भगवान से मांगी. पूजा को लेकर जहां परिसर में ही स्थित पानी की टंकी को घाट बनाया गया. आसपास के इलाकों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया. भगवान सूर्य की आराधना करने वाली इन महिलाओं की सुख और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. गौरतलब है कि मंडल कारा में 585 बंदी हैं जिसमें 464 पुरुष व 21 महिलाएं शामिल हैं. यह पहला मौका है जब जेल परिसर में पुरुष बंदी छठ नहीं कर रहे हैं. इससे पूर्व पुरुष बंदी भी भगवान भास्कर का अराधना करते रहे थे. परिसर के अंदर एक जलकुंड बनाया गया है। जहां पर व्रती अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया. जेलर विपिन मंडल ने बताया कि व्रतियों को सभी सामाग्री कारागार के अंदर उपलब्ध कराई गई.

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जेल में बंद कैदियों ने भी लोक आस्था का महापर्व को भक्ति भाव के साथ मनाया. चतरा जेल प्रशासन ने ही बकायदा इसके लिए व्यवस्था भी की. जेल परिसर भी छठ के गीतों से गुंजायमान रहा. जिला मुख्यालय स्थित मंडल कारा में भी छठ पर्व भक्ति-एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया. जेल प्रशासन ने छठ पर्व के लिये विशेष व्यवस्था की गई थी. मंडल कारागार परिसर भी छठी मईया के गीतों से गुंजायमान हो रहा है. यहां विभिन्न आपराधिक व नक्सल मामलों में बंद महिला और पुरुष बंदी भी आस्था की गंगा में जमकर डुबकी लगाई. मंडल कारागार में बंद पांच महिला बंदी इस वर्ष छठ कर रही हैं जो नेम-निष्ठा के साथ डूबते सूर्य को अर्ध्य अर्पित कर अपने गुनाहों की मांफी भगवान से मांगी. पूजा को लेकर जहां परिसर में ही स्थित पानी की टंकी को घाट बनाया गया. आसपास के इलाकों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया. भगवान सूर्य की आराधना करने वाली इन महिलाओं की सुख और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. गौरतलब है कि मंडल कारा में 585 बंदी हैं जिसमें 464 पुरुष व 21 महिलाएं शामिल हैं. यह पहला मौका है जब जेल परिसर में पुरुष बंदी छठ नहीं कर रहे हैं. इससे पूर्व पुरुष बंदी भी भगवान भास्कर का अराधना करते रहे थे. परिसर के अंदर एक जलकुंड बनाया गया है। जहां पर व्रती अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया. जेलर विपिन मंडल ने बताया कि व्रतियों को सभी सामाग्री कारागार के अंदर उपलब्ध कराई गई.

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