शायरी से करता था ये शायर तोप का सामना

नॉलेज04:36 PM IST Nov 16, 2018

उर्दू के महान शायर अकबर इलाहाबादी का जन्म साल 1846 में 16 नवंबर को हुआ था. पढ़िए उनकी लिखी चंद शायरियां, जो बेहद मशहूर हैं. अकबर इलाहाबादी का पूरा नाम सैयद हुसैन था. वो अदालत में नौकरी करते थे. ब्रिटिश सरकार ने उन्हें ख़ान बहादुर की उपाधि दी थी. अकबर काफी तेज़ थे. उनका सेंस ऑफ ह्यूमर शानदार था, जो उनकी शायरियों में दिखाई देता है. चाहें वो इश्क़ पर हो या राजनीति पर. अकबर अपनी शायरियों के ज़रिए तीखा तंज कसते थे. उर्दू भाषा में शानदार पकड़ होने के बावजूद, वो आसान शब्दों का इस्तेमाल कर आम लोगों तक पहुंच रखते थे. अपनी शायरियों में अंग्रेज़ी लफ्ज़ों के इस्तेमाल का श्रेय भी अकबर इलाहाबादी को जाता है. उनकी ग़ज़लें, नज़्में, रुबाइयत और दोहे तीन खंडों में विभाजित हैं.

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उर्दू के महान शायर अकबर इलाहाबादी का जन्म साल 1846 में 16 नवंबर को हुआ था. पढ़िए उनकी लिखी चंद शायरियां, जो बेहद मशहूर हैं. अकबर इलाहाबादी का पूरा नाम सैयद हुसैन था. वो अदालत में नौकरी करते थे. ब्रिटिश सरकार ने उन्हें ख़ान बहादुर की उपाधि दी थी. अकबर काफी तेज़ थे. उनका सेंस ऑफ ह्यूमर शानदार था, जो उनकी शायरियों में दिखाई देता है. चाहें वो इश्क़ पर हो या राजनीति पर. अकबर अपनी शायरियों के ज़रिए तीखा तंज कसते थे. उर्दू भाषा में शानदार पकड़ होने के बावजूद, वो आसान शब्दों का इस्तेमाल कर आम लोगों तक पहुंच रखते थे. अपनी शायरियों में अंग्रेज़ी लफ्ज़ों के इस्तेमाल का श्रेय भी अकबर इलाहाबादी को जाता है. उनकी ग़ज़लें, नज़्में, रुबाइयत और दोहे तीन खंडों में विभाजित हैं.

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