देश की तो बढ़ी है पर 1977 के बाद से हमारे सांसद सिर्फ 543 हैं

नॉलेज05:17 PM IST Feb 09, 2019

बीते कुछ दशकों में देश की आबादी तेजी से बढ़ी है. लेकिन 1977 के बाद से हमारे सांसदों की संख्या 543 है. क्या वाकई इतने सांसद अरबों की आबादी का नेतृत्व कर पा रहे हैं? 1952 में पहले आम चुनाव हुए. तब 36 करोड़ की आबादी का नेतृत्व लोकसभा में 489 सांसद किया करते थे. लेकिन 2019 में आबादी बढ़कर 135 करोड़ हो गई लेकिन सांसद कुल 543 हैं. यानि एक सांसद 23 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता है. देश में संसदीय सीट का क्षेत्रफल तय करना परिसीमन आयोग की जिम्मेदारी है. क्या 135 करोड़ आबादी के लिए क्या 543 सांसद काफी?

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बीते कुछ दशकों में देश की आबादी तेजी से बढ़ी है. लेकिन 1977 के बाद से हमारे सांसदों की संख्या 543 है. क्या वाकई इतने सांसद अरबों की आबादी का नेतृत्व कर पा रहे हैं? 1952 में पहले आम चुनाव हुए. तब 36 करोड़ की आबादी का नेतृत्व लोकसभा में 489 सांसद किया करते थे. लेकिन 2019 में आबादी बढ़कर 135 करोड़ हो गई लेकिन सांसद कुल 543 हैं. यानि एक सांसद 23 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता है. देश में संसदीय सीट का क्षेत्रफल तय करना परिसीमन आयोग की जिम्मेदारी है. क्या 135 करोड़ आबादी के लिए क्या 543 सांसद काफी?

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