इस्लाम में 'इस वजह' से मना है स्पर्म डोनेट करना

नॉलेजJanuary 31, 2019, 3:28 PM IST

स्पर्म डोनेटे करना भी उतना ही महत्व रखता है, जितना कोई और ह्यूमन ऑर्गेन. लेकिन स्पर्म डोनेट से एक नए जीवन की संरचना होती है. शरिया के मुताबिक, इस्लाम में सिर्फ पति-पत्नी के स्पर्म-एग से जन्मा बच्चा ही जायज बताया गया है. शरिया के मुताबिक, महिला के गर्भाश्य में सिर्फ उसके पति का स्पर्म डालने की इजाजत है. महिला कंसीव न कर पाए तो पति के स्पर्म और उसके एग को लैब में फर्टिलाइज करा सकते हैं. फर्टिलाइज होने के बाद सिर्फ उसी महिला के गर्भ में डालने की इजाजत है, जिसका वह था.

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स्पर्म डोनेटे करना भी उतना ही महत्व रखता है, जितना कोई और ह्यूमन ऑर्गेन. लेकिन स्पर्म डोनेट से एक नए जीवन की संरचना होती है. शरिया के मुताबिक, इस्लाम में सिर्फ पति-पत्नी के स्पर्म-एग से जन्मा बच्चा ही जायज बताया गया है. शरिया के मुताबिक, महिला के गर्भाश्य में सिर्फ उसके पति का स्पर्म डालने की इजाजत है. महिला कंसीव न कर पाए तो पति के स्पर्म और उसके एग को लैब में फर्टिलाइज करा सकते हैं. फर्टिलाइज होने के बाद सिर्फ उसी महिला के गर्भ में डालने की इजाजत है, जिसका वह था.

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