VIDEO: इन देवी के नाम का धागा बांधने से ठीक हो जाता है सर्पदंश पीड़ि‍त

दतिया03:34 PM IST Oct 12, 2018

मध्‍यप्रदेश में दतिया जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर रतनगढ़ माता का मंदिर यूं तो बियाबान जंगल में है, लेकिन नवरात्रि के चलता यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. यह मंदिर सोलहवीं सदी के पूर्व का है, जब राजा रतन सेन पर महमूद खिलजी ने आक्रमण किया तो उनकी बेटी मांडुला ने जौहर कर लिया था. उसके बाद लोगों ने उनका मंदिर बनवा दिया. शिवाजी के गुरु समर्थ रामदास भी यहां काफी समय रहे. उनके बाद मंदिर की महिमा निरंतर बढ़ती गई. मान्यता है कि अगर किसी को सर्प काट ले और मां रतनगढ़ का नाम का कोई धागा बांध दे तो वह ठीक हो जाता है, लेकिन भाईदूज के मेले में सर्पदंश से पीड़ि‍त व्यक्ति को यहां बंध खुलवाने यहां आना पड़ता है. चम्बल और बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लोगों रतनगढ़ की देवी की मान्यता वैष्णो देवी के बराबर है. यही कारण है कि नवरात्रि में मां रतनगढ़ के दर्शन के लिए लाखों लोग यहां पहुंचते हैं.

Ashok sharma

मध्‍यप्रदेश में दतिया जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर रतनगढ़ माता का मंदिर यूं तो बियाबान जंगल में है, लेकिन नवरात्रि के चलता यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. यह मंदिर सोलहवीं सदी के पूर्व का है, जब राजा रतन सेन पर महमूद खिलजी ने आक्रमण किया तो उनकी बेटी मांडुला ने जौहर कर लिया था. उसके बाद लोगों ने उनका मंदिर बनवा दिया. शिवाजी के गुरु समर्थ रामदास भी यहां काफी समय रहे. उनके बाद मंदिर की महिमा निरंतर बढ़ती गई. मान्यता है कि अगर किसी को सर्प काट ले और मां रतनगढ़ का नाम का कोई धागा बांध दे तो वह ठीक हो जाता है, लेकिन भाईदूज के मेले में सर्पदंश से पीड़ि‍त व्यक्ति को यहां बंध खुलवाने यहां आना पड़ता है. चम्बल और बुन्देलखण्ड क्षेत्र में लोगों रतनगढ़ की देवी की मान्यता वैष्णो देवी के बराबर है. यही कारण है कि नवरात्रि में मां रतनगढ़ के दर्शन के लिए लाखों लोग यहां पहुंचते हैं.

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