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VIDEO: बारिश में ढह गया था स्कूल, अब पुल पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे

डिंडोरी News18 Madhya Pradesh| February 5, 2019, 12:54 PM IST

मध्यप्रदेश के डिंडौरी में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. जिले के सोनतीरथ गांव में स्कूल भवन नहीं होने के कारण एक सरकारी स्कूल पुल के ऊपर लगाया जा रहा है. स्कूल भवन की कमी के चलते छात्रों को खुले आसमान के नीचे सड़क के बीच बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जबकि जवाबदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं. दरअसल, करंजिया विकासखंड के सोनतीरथ गांव का जर्जर स्कूल भवन बारिश के दिनों में जमींदोज हो गया था. गांव में कोई सरकारी भवन नहीं है, जहां स्कूल संचालित किया जा सके, लिहाजा शिक्षकों ने पुलिया के ऊपर ही स्कूल लगाने का फैसला किया. करीब चार माह गुजरने के बाद भी अधिकारियों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है. आपको बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार में आदिवासी विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकार खुद करंजिया विकासखंड कसे बरनई गांव के निवासी है. मामले में डीपीसी एवं प्रभारी डीईओ डिंडौरी राघवेंद्र का कहना है कि जिले में ऐसे 67 स्कूल है जो जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं या फिर खुले आसमान के नीचे लग रह हैं, जिसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन बजट नहीं होने का कारण स्कूल भवनों का निर्मीण नहीं हो पाया.

Vijay tiwari
First published: February 5, 2019, 12:54 PM IST

मध्यप्रदेश के डिंडौरी में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. जिले के सोनतीरथ गांव में स्कूल भवन नहीं होने के कारण एक सरकारी स्कूल पुल के ऊपर लगाया जा रहा है. स्कूल भवन की कमी के चलते छात्रों को खुले आसमान के नीचे सड़क के बीच बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जबकि जवाबदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं. दरअसल, करंजिया विकासखंड के सोनतीरथ गांव का जर्जर स्कूल भवन बारिश के दिनों में जमींदोज हो गया था. गांव में कोई सरकारी भवन नहीं है, जहां स्कूल संचालित किया जा सके, लिहाजा शिक्षकों ने पुलिया के ऊपर ही स्कूल लगाने का फैसला किया. करीब चार माह गुजरने के बाद भी अधिकारियों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है. आपको बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार में आदिवासी विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकार खुद करंजिया विकासखंड कसे बरनई गांव के निवासी है. मामले में डीपीसी एवं प्रभारी डीईओ डिंडौरी राघवेंद्र का कहना है कि जिले में ऐसे 67 स्कूल है जो जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं या फिर खुले आसमान के नीचे लग रह हैं, जिसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन बजट नहीं होने का कारण स्कूल भवनों का निर्मीण नहीं हो पाया.

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