लाइव टीवी

Jeevan Samvad by Dayashankar Mishra#जीवन संवाद : बेचैनी के बादल!

देश News18Hindi| January 16, 2020, 4:42 PM IST

दिन ढलता है. सुबह से शाम होती है. मौसम (Weather) बदलते रहते हैं. तपता सूरज जाता है, शीतल चंद्रमा आता है. वैसे ही हमारा मन भी है. उसे भी तरह-तरह के मौसम प्रभावित करते हैं. हम सबसे अधिक किन चीज़ों से हारते हैं. इसकी एक सामान्य सूची बनाकर थोड़ा ध्यान से इस पर सोचा जाए तो हम बहुत आसानी से समझ सकते हैं कि हमें तोड़ने के लिए किसी डायनामाइट (Dynamite) की जरूरत नहीं है. मजबूत से मजबूत व्यक्ति भी मामूली चीज़ों से टूट जाते हैं. ‌चूर-चूर हो जाते हैं. रुई की तरह हल्की, गुलाब की पंखुड़ियों की तरह कोमल चीज़ों से हमारा मन ऐसे टूट जाता है कि उसे लाख कठोर चीज़ों की निगरानी में रख दिया जाए फिर भी नहीं जुड़ता.

News18 Hindi
First published: January 16, 2020, 4:42 PM IST

दिन ढलता है. सुबह से शाम होती है. मौसम (Weather) बदलते रहते हैं. तपता सूरज जाता है, शीतल चंद्रमा आता है. वैसे ही हमारा मन भी है. उसे भी तरह-तरह के मौसम प्रभावित करते हैं. हम सबसे अधिक किन चीज़ों से हारते हैं. इसकी एक सामान्य सूची बनाकर थोड़ा ध्यान से इस पर सोचा जाए तो हम बहुत आसानी से समझ सकते हैं कि हमें तोड़ने के लिए किसी डायनामाइट (Dynamite) की जरूरत नहीं है. मजबूत से मजबूत व्यक्ति भी मामूली चीज़ों से टूट जाते हैं. ‌चूर-चूर हो जाते हैं. रुई की तरह हल्की, गुलाब की पंखुड़ियों की तरह कोमल चीज़ों से हमारा मन ऐसे टूट जाता है कि उसे लाख कठोर चीज़ों की निगरानी में रख दिया जाए फिर भी नहीं जुड़ता.

Latest Live TV