VIDEO:सड़क किनारे जगह-जगह दवाओं के ढेर मिलने से लोगों में तरह-तरह की चर्चा

देश News18 Jharkhand| September 29, 2018, 10:33 PM IST

हेसल के देवी मंडप रोड में कई जगहों पर भारी मात्रा में दवाएं सड़क किनारे फेंके होने से स्थानीय लोग सकते में आ गए.विभिन्न कम्पनियों की भारी मात्रा में दवाएं यूं ही सड़क किनारे फिंकीदेख तरह-तरह की चर्चा होने लगी. इन दवाओं में बच्चों को दी जाने वाली दवाएं, नींद की दवाएं, ओआरएच और कई दूसरी दवाएं शामिल हैं. कुछ दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं तो कुछ के एक्सपायर होने में अभी समय बचा है.यह दवाएं कहां से आयी और किसने फेंकी यह किसी को मालूम नहीं लेकिन जिस तरह से सड़क किनारे यह दवाएं फेंकी गईं,उस पर सवाल उठ रहे हैं. कोई बच्चा या जानवर इसे खा ले और किसी तरह की अनहोनी हो जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है.जिस तरह से दवाएं फेंकी गईं वह दवाओँ के निपटान को लेकर बने कानून की धज्जियां उड़ा रहा है.जानकारों के अनुसार दवाओँ के निपटान की उचित तरीके से होना चाहिए.इसे या तो इंसुलेटर में डाल कर नष्ट किया जाना चाहिए था या फिर जला देना या जमीन में गाड़ देना चाहिए ताकि किसी बच्चे या जानवर की पहुंच ना हो.तालाब या डैम में डालने पर भी पानी में घुल कर यह उसको जहरीला बना सकती हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी है लेकिन लापारवाही का आलम यह है कि कोई नुमाईंदा देखने तक नहीं आया.

Manoj Kumar
First published: September 29, 2018, 10:33 PM IST

हेसल के देवी मंडप रोड में कई जगहों पर भारी मात्रा में दवाएं सड़क किनारे फेंके होने से स्थानीय लोग सकते में आ गए.विभिन्न कम्पनियों की भारी मात्रा में दवाएं यूं ही सड़क किनारे फिंकीदेख तरह-तरह की चर्चा होने लगी. इन दवाओं में बच्चों को दी जाने वाली दवाएं, नींद की दवाएं, ओआरएच और कई दूसरी दवाएं शामिल हैं. कुछ दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं तो कुछ के एक्सपायर होने में अभी समय बचा है.यह दवाएं कहां से आयी और किसने फेंकी यह किसी को मालूम नहीं लेकिन जिस तरह से सड़क किनारे यह दवाएं फेंकी गईं,उस पर सवाल उठ रहे हैं. कोई बच्चा या जानवर इसे खा ले और किसी तरह की अनहोनी हो जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है.जिस तरह से दवाएं फेंकी गईं वह दवाओँ के निपटान को लेकर बने कानून की धज्जियां उड़ा रहा है.जानकारों के अनुसार दवाओँ के निपटान की उचित तरीके से होना चाहिए.इसे या तो इंसुलेटर में डाल कर नष्ट किया जाना चाहिए था या फिर जला देना या जमीन में गाड़ देना चाहिए ताकि किसी बच्चे या जानवर की पहुंच ना हो.तालाब या डैम में डालने पर भी पानी में घुल कर यह उसको जहरीला बना सकती हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी है लेकिन लापारवाही का आलम यह है कि कोई नुमाईंदा देखने तक नहीं आया.

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