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  • February 23, 2021, 3:00 PM IST
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Vocal for Local | आदिवासी महिलाएं बना रहीं हैं Organic Herbal Gulal | Viral Video

उदयपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य इलाके कोटड़ा में राजीविका स्वंय सहायता समूह की 300 से अधिक महिलाएं ऑर्गेनिक हर्बल गुलाल बनाकर रोजगार के अवसर बढ़ाकर आत्म निर्भर बन रही है. मजदूरी और खेतो में काम करने वाली महिलाएं अब पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर कोटड़ा की काया पलटने में आगे आ रही हैं. दरसअल कोटड़ा का शुद्ध देशी हर्बल गुलाल स्थानीय वनस्पतियों एवं फूलों से बनाया जाता है. देवला रेंज वन विभाग द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल ऑस्ट्रेलिया तक अपनी पहले ही पहचान बना चुका है. हर्बल गुलाल बनाने के लिए फूल एवं पत्तियों का उपयोग किया जाता हैं. हरे रंग के लिए रिजका, लाल रंग के लिए चुकंदर, गुलाबी के लिए गुलाब के फूल,पीलें रंग के लिए पलाश के फूलों का मिश्रण तैयार कर गर्म पानी मे उबाला जाता है और बाद में ठंडा करके आरारोट के आटे को मिलाकर मिक्सर में पीसकर सुगंधित अर्क डालकर हर्बल गुलाल तैयार किया जाता है. कोटडा के गोगरुद में राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार गुलाल दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात एवं राजस्थान के अधिकांश बड़े शहरो तक पहुँचाया जा रहा है. देशी हर्बल गुलाल की बिक्री एवं मार्केटिंग के लिए कोटड़ा विकास अधिकारी धनपत सिंह राव भी अनोखे अंदाज में प्रचार के लिए विख्यात हैं इन दिनों विकास अधिकारी अपने मित्रों और रिश्तेदारों को अपनी फेसबुक आईडी और व्हाट्सएप्प ग्रुप के माध्यम से हर्बल गुलाल का प्रचार कर रहे है. कोटड़ा में हर्बल गुलाल के लिए दो राजीविका केंद्र बनाये गए है. जिसमे गोगरुद और जुड़ा वंदन केंद्र शामिल है. 300 से ज्यादा महिलाओं के समूह ने अब तक होली के त्योहार को देखते हुए 3 क्विंटल हर्बल गुलाल बेच चुकीं हैं. गोगरुद केंद्र पर 10 क्विंटल और जुड़ा वंदन केंद्र पर 15 क्विंटल गुलाल बनाने का अतिरिक्त आर्डर दिया गया है. यह गुलाल दो ब्रांड में उपलब्ध है. विकास अधिकारी धनपत सिंह राव ने बताया कि कोटड़ा क्षेत्र में उत्पादित होने वाली वनोपज काफी बहुतायत में मिलती है अगर यहाँ अच्छा निवेश किया जाए तो स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकता है, जिसमे प्रमुख रूप से सीताफल पल्प, जामुन अर्क ,बाँस के फर्नीचर, धव का गोंद, देशी शहद एवं पत्तल दोने शामिल हैं.More than 300 women of Rajivika Self Help Group are becoming self dependent by creating organic herbal gulal in Kotda, tribal dominated area of ​​Udaipur district. Women working in wages and fields are now coming forward in overturning Kotra's body, shoulder to shoulder with men. Pure native herbal gulal of Darsial Kotra is made from local flora and flowers. The herbal gulal produced by the Deula Range Forest Department has already made its mark in Australia. Flowers and leaves are used to make herbal gulal. Rijka for green color, beetroot for red color, rose flower for pink, pale mixture of yellow flowers are prepared and boiled in hot water and later cooled and mixed with arrowroot flour and grinded in a mixer. Herbal gulal is prepared by adding extracts. In Gogrud, Kotla, Gulal prepared by the women of Rajivika self-help group is being transported to most major cities of Delhi, Punjab, Haryana, Bihar, Maharashtra, Gujarat and Rajasthan. Kotda Development Officer Dhanpat Singh Rao is also famous for promoting in a unique way for the sale and marketing of indigenous herbal gulal. These days, the development officer is promoting herbal gulal to his friends and relatives through his Facebook ID and WhatsApp group. Two Rajivika centers have been built for herbal gulal in Kotra. Which includes Gogrud and the connected Vandan Kendra. The group of more than 300 women has sold 3 quintals of herbal gulal so far in view of the festival of Holi. An additional order has been given to make 10 quintals at Gogrud Center and 15 quintals at the connected Vandan Kendra. This gulal is available in two brands. Development officer Dhanpat Singh Rao said that forest produce produced in Kotra region is found in abundance, if good investment is made here, then local people can get employment, mainly in which citaphal pulp, berries extracts, bamboo furniture, Dhav Contains both gum, native honey and leaf.A brand new hub for all viral videos from News18 Hindi. A page to keep you posted about all that bizarre, unusual, unique & quirky things happening around you in the easiest of explainer videos. Watch all videos on your phone at just one click.Follow Us:Website: https://hindi.news18.com/Facebook: https://www.facebook.com/News18India

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