आखिर क्यों अलवर बन गया मॉब लिंचिंग का गढ़?

अलवर08:19 PM IST Jul 28, 2018

हरियाणा का 2005 में बना एक नया जिला, जिसकी आबादी ज्यादा नहीं, 11 लाख थी. लेकिन 88 फीसद आबादी अब भी गांव में ही रहती है. मेवात नाम इसे मेव समुदाय से जोड़ता है जो पड़ोस के राजस्थान में भी बसा है. कुछ दलित और शहरी हिन्दू भी रहते हैं लेकिन 80 प्रतिशत आबादी मेव मुस्लिम समाज की है. इतिहास की किताबों में मेव समुदाय का जिक्र आजादी के आंदोलन में बार-बार आता है लेकिन आजादी के बाद जब देश के दो टुकड़े हो गए, तब मेव समुदाय ने बापू के कहने पर यहीं बसने का फैसला किया. हरियाणा, राजस्थान और य़ूपी के जिस इलाके में मेवों की आबादी बसती है उसे मेवात कहते हैं और आज यहीं मेवात निशाने पर है. आरोप है झांसा देकर लूटपाट करने के, दबंगई के और गोकशी के. देखिए पूरी रिपोर्ट... आखिर क्यों अलवर बना गया मॉब लिंचिंग का गढ़?

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हरियाणा का 2005 में बना एक नया जिला, जिसकी आबादी ज्यादा नहीं, 11 लाख थी. लेकिन 88 फीसद आबादी अब भी गांव में ही रहती है. मेवात नाम इसे मेव समुदाय से जोड़ता है जो पड़ोस के राजस्थान में भी बसा है. कुछ दलित और शहरी हिन्दू भी रहते हैं लेकिन 80 प्रतिशत आबादी मेव मुस्लिम समाज की है. इतिहास की किताबों में मेव समुदाय का जिक्र आजादी के आंदोलन में बार-बार आता है लेकिन आजादी के बाद जब देश के दो टुकड़े हो गए, तब मेव समुदाय ने बापू के कहने पर यहीं बसने का फैसला किया. हरियाणा, राजस्थान और य़ूपी के जिस इलाके में मेवों की आबादी बसती है उसे मेवात कहते हैं और आज यहीं मेवात निशाने पर है. आरोप है झांसा देकर लूटपाट करने के, दबंगई के और गोकशी के. देखिए पूरी रिपोर्ट... आखिर क्यों अलवर बना गया मॉब लिंचिंग का गढ़?

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