VIDEO : 250 सालों से नहीं खेली शाहपुरा के लोगों ने होली, निकालते हैं श्री रामदयाल महाराज की शोभायात्रा

भीलवाड़ा08:18 PM IST Mar 21, 2019

भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में गुरूवार को धुलंडी के दिन से रामस्नेही संप्रदाय के वार्षिक फूलडोल के मुख्य महोत्सव का आगाज हो गया. महोत्सव का आगाज करते हुए बुधवार रात्रि में होली दहन के तुंरत बाद नया बाजार से जगतगुरू स्वामी रामदयाल जी महाराज की शोभायात्रा निकाली गई. रास्ते में रामस्नेही संप्रदाय के पीठाधीश्वर आचार्य रामदयाल महाराज को राजशाही पंरपरा के अनुरूप रामनिवास धाम लाया गया. रास्ते में उनके लिए पगमंडे बिछाए गए व लोगों ने जगह-जगह उनकी अगवानी कर स्वागत किया. शोभायात्रा के रामनिवास धाम पर पंहुचने पर यहां जगतगुरू रामदयाल महाराज के प्रवचन हुए. महोत्सव के पहले दिन देश के कोने कोने से हजारों की तादाद में भक्तजन व रामस्नेही संत यहां पंहुचे. आचार्यश्री के साथ संप्रदाय के अन्य संत भी थे. रामनिवास धाम में रात भर जागरण का कार्यक्रम चला जिसमें मुख्य रूप से भक्त प्रहलाद की कथा की गई. शाहपुरा में धुलंडी के दिन रंग नहीं खेला जाकर रामस्नेही संप्रदाय का वार्षिकोत्सव फूलडोल महोत्सव मनाया जाता है. यह परंपरा पिछले 300 वर्षों से चली आ रही है. इस दौरान पूरा शाहपुरा अध्यात्म के रंग में आज से सरोबार हो गया. यह महोत्सव 5 दिन तक चलेगा तथा 25 मार्च को इसके समापन के साथ आचार्यश्री के चातुर्मास की घोषणा होगी.

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भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में गुरूवार को धुलंडी के दिन से रामस्नेही संप्रदाय के वार्षिक फूलडोल के मुख्य महोत्सव का आगाज हो गया. महोत्सव का आगाज करते हुए बुधवार रात्रि में होली दहन के तुंरत बाद नया बाजार से जगतगुरू स्वामी रामदयाल जी महाराज की शोभायात्रा निकाली गई. रास्ते में रामस्नेही संप्रदाय के पीठाधीश्वर आचार्य रामदयाल महाराज को राजशाही पंरपरा के अनुरूप रामनिवास धाम लाया गया. रास्ते में उनके लिए पगमंडे बिछाए गए व लोगों ने जगह-जगह उनकी अगवानी कर स्वागत किया. शोभायात्रा के रामनिवास धाम पर पंहुचने पर यहां जगतगुरू रामदयाल महाराज के प्रवचन हुए. महोत्सव के पहले दिन देश के कोने कोने से हजारों की तादाद में भक्तजन व रामस्नेही संत यहां पंहुचे. आचार्यश्री के साथ संप्रदाय के अन्य संत भी थे. रामनिवास धाम में रात भर जागरण का कार्यक्रम चला जिसमें मुख्य रूप से भक्त प्रहलाद की कथा की गई. शाहपुरा में धुलंडी के दिन रंग नहीं खेला जाकर रामस्नेही संप्रदाय का वार्षिकोत्सव फूलडोल महोत्सव मनाया जाता है. यह परंपरा पिछले 300 वर्षों से चली आ रही है. इस दौरान पूरा शाहपुरा अध्यात्म के रंग में आज से सरोबार हो गया. यह महोत्सव 5 दिन तक चलेगा तथा 25 मार्च को इसके समापन के साथ आचार्यश्री के चातुर्मास की घोषणा होगी.

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