VIDEO : मृत मिला तेंदुए का बच्चा, वन विभाग की टीम जुटी जांच में

दौसाApril 4, 2019, 2:26 PM IST

दौसा के लालसोट उपखंड के डीडवाना गांव के जालवाली ढाणी में गुरुवार को एक तेंदुए का बच्चा मृत अवस्था में मिला. शावक मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर एकत्रित हो गई और वन विभाग को इसकी सूचना दी गई. सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेदुएं के बच्चे के शव को कब्जे में लिया. दौसा के उपवन संरक्षक रामानंद भाकर ने बताया कि इस शावक की उम्र 3 से 4 माह के बीच है. शावक के शरीर पर बाहरी चोट नहीं नजर आई हालांकि आंतरिक चोट से इंकार भी नहीं किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा. फिलहाल तेदुंए के बच्चे का लालसोट पशु चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया है. गौरतलब है कि कल भी दौसा जिले के काली पहाड़ी गांव में पैंथर का आतंक देखा गया. सूचना के बाद 5 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उस को पकड़ा गया. वहीं अलवर में भी कल एक तेंदुए का 8 घंटे तक आतंक देखने को मिला. गौरतलब है कि सरिस्का और रणथंबोर अभ्यारण आसपास होने के कारण ये तेंदुआ आदि दौसा के लालसोट में बांदीकुई इलाके में अनेक बार आ जाते हैं, जिससे जहां एक ओर ग्रामीण भयभीत रहते हैं वहीं इन जानवरों की जान को भी खतरा रहता है.

Ashish Sharma, Dausa

दौसा के लालसोट उपखंड के डीडवाना गांव के जालवाली ढाणी में गुरुवार को एक तेंदुए का बच्चा मृत अवस्था में मिला. शावक मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर एकत्रित हो गई और वन विभाग को इसकी सूचना दी गई. सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेदुएं के बच्चे के शव को कब्जे में लिया. दौसा के उपवन संरक्षक रामानंद भाकर ने बताया कि इस शावक की उम्र 3 से 4 माह के बीच है. शावक के शरीर पर बाहरी चोट नहीं नजर आई हालांकि आंतरिक चोट से इंकार भी नहीं किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा. फिलहाल तेदुंए के बच्चे का लालसोट पशु चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया है. गौरतलब है कि कल भी दौसा जिले के काली पहाड़ी गांव में पैंथर का आतंक देखा गया. सूचना के बाद 5 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उस को पकड़ा गया. वहीं अलवर में भी कल एक तेंदुए का 8 घंटे तक आतंक देखने को मिला. गौरतलब है कि सरिस्का और रणथंबोर अभ्यारण आसपास होने के कारण ये तेंदुआ आदि दौसा के लालसोट में बांदीकुई इलाके में अनेक बार आ जाते हैं, जिससे जहां एक ओर ग्रामीण भयभीत रहते हैं वहीं इन जानवरों की जान को भी खतरा रहता है.

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