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भगवान राम के पुत्र लव-कुश ने यहां रस्सी से बांधा था हनुमान को, यही वाल्मीकि आश्रम में रही थी माता सीता

प्रतापगढ़ News18 Rajasthan| December 16, 2019, 7:03 AM IST

संस्कृत भाषा के आदि कवि और महाकाव्य रामायण (Ramayan Katha) के रचियता महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में लव-कुश (Luv Kush) और देवी सीता (Sita) के जीवन का वर्णन 'लव कुश कांड' में किया गया है. लव कुश के इस आश्रम में बिताए समय और लव-कुश द्वारा राम केअश्वमेघ यज्ञ के घोड़े को पकड़ने तथा हनुमान को रस्सी से बांधने तक के कई वृतांत जगजाहिर हैं. लेकिन आज भी बहुत कम लोग इस बात से परिचित हैं कि इन घटनाओं का संबंध राजस्थान (Rajasthan) के चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिले से है. वन विभाग की मानें तो यह यहां के सीतामाता अभयारण्य में ही महर्षि वाल्मीकि का आश्रम था और यहीं पर लव कुश से जुड़े से तमाम वृतांत घटित हुए थे.

News18 Hindi
First published: December 13, 2019, 5:07 PM IST

संस्कृत भाषा के आदि कवि और महाकाव्य रामायण (Ramayan Katha) के रचियता महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में लव-कुश (Luv Kush) और देवी सीता (Sita) के जीवन का वर्णन 'लव कुश कांड' में किया गया है. लव कुश के इस आश्रम में बिताए समय और लव-कुश द्वारा राम केअश्वमेघ यज्ञ के घोड़े को पकड़ने तथा हनुमान को रस्सी से बांधने तक के कई वृतांत जगजाहिर हैं. लेकिन आज भी बहुत कम लोग इस बात से परिचित हैं कि इन घटनाओं का संबंध राजस्थान (Rajasthan) के चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिले से है. वन विभाग की मानें तो यह यहां के सीतामाता अभयारण्य में ही महर्षि वाल्मीकि का आश्रम था और यहीं पर लव कुश से जुड़े से तमाम वृतांत घटित हुए थे.

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