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कालिख पोतने की घटना शर्मनाक: सई परांजपे

मध्य प्रदेश News18Hindi| October 14, 2015, 12:03 PM IST

खंडवा किशोर अलंकरण समारोह में भाग लेने के लिए बॉलीवुड की पहली महिला निर्देशक और लेखक सई परांजपे को किशोर सम्मान से नवाजित किया गया. सम्मान समारोह प्राप्त करने के लिए खंडवा पहुंची सई परांजपे ने साहित्यकारों द्वारा सम्मान लौटाने के मामले को गंभीर बताया. सई ने कहा की साहित्यकारों को ऐसा नहीं करना चाहिए. साथ ही शिवसैनिकों द्वारा पुस्तक विमोचन करने के दौरान सुधीन्द्र कुलकर्ण पर कालिख पोतने की घटना को भी शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा ऐसा नहीं होना चाहिए था. 19 मार्च 1938 को जन्मी सुश्री सई परांजपे की प्रतिष्ठा एक उत्कृष्ट, कल्पनाशील और गहन दृष्टिसम्पन्न फिल्मकार निर्देशक के रूप में हैं. जिनका सृजनात्मक सरोकार राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में एक रंगकर्मी से आरम्भ होकर टेलीविजन धारावाहिकों और सिनेमा तक सक्रिय बना रहा है. सुश्री सई को पद्मभूषण से भी नवाजा जा चुका है.

News18india.com
First published: October 14, 2015, 11:09 AM IST

खंडवा किशोर अलंकरण समारोह में भाग लेने के लिए बॉलीवुड की पहली महिला निर्देशक और लेखक सई परांजपे को किशोर सम्मान से नवाजित किया गया. सम्मान समारोह प्राप्त करने के लिए खंडवा पहुंची सई परांजपे ने साहित्यकारों द्वारा सम्मान लौटाने के मामले को गंभीर बताया. सई ने कहा की साहित्यकारों को ऐसा नहीं करना चाहिए. साथ ही शिवसैनिकों द्वारा पुस्तक विमोचन करने के दौरान सुधीन्द्र कुलकर्ण पर कालिख पोतने की घटना को भी शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा ऐसा नहीं होना चाहिए था. 19 मार्च 1938 को जन्मी सुश्री सई परांजपे की प्रतिष्ठा एक उत्कृष्ट, कल्पनाशील और गहन दृष्टिसम्पन्न फिल्मकार निर्देशक के रूप में हैं. जिनका सृजनात्मक सरोकार राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में एक रंगकर्मी से आरम्भ होकर टेलीविजन धारावाहिकों और सिनेमा तक सक्रिय बना रहा है. सुश्री सई को पद्मभूषण से भी नवाजा जा चुका है.

खंडवा किशोर अलंकरण समारोह में भाग लेने के लिए बॉलीवुड की पहली महिला निर्देशक और लेखक सई परांजपे को किशोर सम्मान से नवाजित किया गया. सम्मान समारोह प्राप्त करने के लिए खंडवा पहुंची सई परांजपे ने साहित्यकारों द्वारा सम्मान लौटाने के मामले को गंभीर बताया. सई ने कहा की साहित्यकारों को ऐसा नहीं करना चाहिए. साथ ही शिवसैनिकों द्वारा पुस्तक विमोचन करने के दौरान सुधीन्द्र कुलकर्ण पर कालिख पोतने की घटना को भी शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा ऐसा नहीं होना चाहिए था. 19 मार्च 1938 को जन्मी सुश्री सई परांजपे की प्रतिष्ठा एक उत्कृष्ट, कल्पनाशील और गहन दृष्टिसम्पन्न फिल्मकार निर्देशक के रूप में हैं. जिनका सृजनात्मक सरोकार राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में एक रंगकर्मी से आरम्भ होकर टेलीविजन धारावाहिकों और सिनेमा तक सक्रिय बना रहा है. सुश्री सई को पद्मभूषण से भी नवाजा जा चुका है.

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