HTP : क्या तुरन्त तीन तलाक़ के समर्थक मुस्लिम महिलाओं के दुश्मन हैं?

शोJune 21, 2019, 10:33 PM IST

सदियों से चली आ रही एक कुप्रथा को 70 साल बाद भी संसद क़ानून बनाकर ख़त्म कर पाने में लाचार दिख रहा है. आज लोक सभा में तीसरी बार तुरन्त तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ बिल पेश किया गया. भारी शोर-शराबे के बीच पेश बिल के पक्ष में 186 जबकि विरोध में 74 वोट पड़े. BJP के बहुमत वाले सदन में इस बिल को पास कराना कठिन नहीं है, लेकिन सवाल राज्य सभा का है, जहाँ पिछली बार भी बिल अटक गया था. इस बिल के विरोधी दलों के तेवर इस बार भी वैसे ही हैं. सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस बिल को संविधान के ख़िलाफ़ बताया तो असदुद्दीन ओवैसी ने डंके की चोट पर कहा कि हज़ार बार भी इस बिल को पेश किया गया तो वो विरोध में ही खड़े होंगे. NDA की घटक JDU ने BJP पर इस बिल पर किसी तरह की बातचीत नहीं करने का आरोप लगाया. साफ़ है, मुस्लिम महिलाओं को लैंगिक भेदभाव, यातना और शोषण से बचाने वाले इस बिल का भविष्य ख़तरे में है

अर्पिता आर्या

सदियों से चली आ रही एक कुप्रथा को 70 साल बाद भी संसद क़ानून बनाकर ख़त्म कर पाने में लाचार दिख रहा है. आज लोक सभा में तीसरी बार तुरन्त तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ बिल पेश किया गया. भारी शोर-शराबे के बीच पेश बिल के पक्ष में 186 जबकि विरोध में 74 वोट पड़े. BJP के बहुमत वाले सदन में इस बिल को पास कराना कठिन नहीं है, लेकिन सवाल राज्य सभा का है, जहाँ पिछली बार भी बिल अटक गया था. इस बिल के विरोधी दलों के तेवर इस बार भी वैसे ही हैं. सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस बिल को संविधान के ख़िलाफ़ बताया तो असदुद्दीन ओवैसी ने डंके की चोट पर कहा कि हज़ार बार भी इस बिल को पेश किया गया तो वो विरोध में ही खड़े होंगे. NDA की घटक JDU ने BJP पर इस बिल पर किसी तरह की बातचीत नहीं करने का आरोप लगाया. साफ़ है, मुस्लिम महिलाओं को लैंगिक भेदभाव, यातना और शोषण से बचाने वाले इस बिल का भविष्य ख़तरे में है

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