HTP : पत्थरबाज़ों और आतंकियों की कमर तोड़े बगैर कश्मीर को सच्ची आज़ादी मिलेगी?

शो News18India| August 16, 2018, 12:43 AM IST

आप देख रहे हैं NEWS18 इंडिया पर अपना फेवरिट डिबेट शो हम तो पूछेंगे. आज पूरा देश 72वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. लेकिन देश के मुकुट कश्मीर के कुछ हिस्सों में आज बंद है. सन्नाटा है. तनाव है. इसकी वजह वो मुट्ठीभर अलगाववादी, पाकिस्तान परस्त और गिने-चुने आतंकियों के समर्थक हैं, जिनकी दुकानदारी बन्द होने के कगार पर है. बन्दूक की बोली बोलने वालों को बन्दूक से. ऑपरेशन ऑल आउट की कामयाबी और PDP से रिश्ते तोड़ लेने के बाद 'अटल फॉर्मूले' को मोदी नीति का विस्तार माना जा रहा है. इसी के तहत प्रधानमंत्री ने जल्द ही 11 साल बाद पंचायत चुनाव और आठ साल बाद शहरी निकाय चुनाव कराने के संकेत दिए. कुछ ही देर बाद सूबे के राज्यपाल एन एन वोहरा ने इन चुनावों को सितम्बर में कराने के दावे किए. यानी कश्मीर में जमीनी स्तर से जम्हूरियत की खुशबू आने वाली है. लेकिन इन दावों से इतर विपक्ष का ये आरोप भी सही है कि कश्मीर में आतंकवादियों और पत्थरबाज़ों का सफ़ाया पूरी तरह नहीं हो पाया है. ऐसे में कई सवाल खड़े होते हैं जो हम पूछेंगे. हम तो पूछेंगे कि क्या पत्थरबाज़ों और आतंकियों की कमर तोड़े बगैर कश्मीर को सच्ची आज़ादी मिलेगी?, क्या कश्मीर समस्या से निपटने का मोदी सरकार का तौर-तरीक़ा ठीक है? क्या कश्मीर समस्या के लिए केवल कांग्रेस को ही कसूरवार ठहराया जाना चाहिए? देखें VIDEO

सुमित अवस्थी
First published: August 16, 2018, 12:43 AM IST

आप देख रहे हैं NEWS18 इंडिया पर अपना फेवरिट डिबेट शो हम तो पूछेंगे. आज पूरा देश 72वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. लेकिन देश के मुकुट कश्मीर के कुछ हिस्सों में आज बंद है. सन्नाटा है. तनाव है. इसकी वजह वो मुट्ठीभर अलगाववादी, पाकिस्तान परस्त और गिने-चुने आतंकियों के समर्थक हैं, जिनकी दुकानदारी बन्द होने के कगार पर है. बन्दूक की बोली बोलने वालों को बन्दूक से. ऑपरेशन ऑल आउट की कामयाबी और PDP से रिश्ते तोड़ लेने के बाद 'अटल फॉर्मूले' को मोदी नीति का विस्तार माना जा रहा है. इसी के तहत प्रधानमंत्री ने जल्द ही 11 साल बाद पंचायत चुनाव और आठ साल बाद शहरी निकाय चुनाव कराने के संकेत दिए. कुछ ही देर बाद सूबे के राज्यपाल एन एन वोहरा ने इन चुनावों को सितम्बर में कराने के दावे किए. यानी कश्मीर में जमीनी स्तर से जम्हूरियत की खुशबू आने वाली है. लेकिन इन दावों से इतर विपक्ष का ये आरोप भी सही है कि कश्मीर में आतंकवादियों और पत्थरबाज़ों का सफ़ाया पूरी तरह नहीं हो पाया है. ऐसे में कई सवाल खड़े होते हैं जो हम पूछेंगे. हम तो पूछेंगे कि क्या पत्थरबाज़ों और आतंकियों की कमर तोड़े बगैर कश्मीर को सच्ची आज़ादी मिलेगी?, क्या कश्मीर समस्या से निपटने का मोदी सरकार का तौर-तरीक़ा ठीक है? क्या कश्मीर समस्या के लिए केवल कांग्रेस को ही कसूरवार ठहराया जाना चाहिए? देखें VIDEO

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