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VIDEO: PTPS से विस्थापित 25 गांव के लोग अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

झारखंड10:05 PM IST Nov 16, 2018

PTPS से विस्थापित 25 गांव के लोग अपनी मांगो को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले गए. पीयूवीएनएल प्रवेश द्वार के समक्ष 57 लोग यह अनिश्चितकालीन भुख हड़ताल कर रहे हैं. आंदोलन कारी रैयत विस्थापितों का कहना है कि उनके द्वारा कई बार आंदोलन किया गया मगर कोई समाधान नहीं निकला. कई बार पीटीपीएस के विस्थापित धरना-प्रदर्शन व आंदोलन कर चुके हैं. आज एक बार फिर 25 गांवों के विस्थापित भुख हड़ताल पर बैठे हैं. रैयत विस्थापित नेता आदित्य नारायण साहू ने कहा कि भूख हड़ताल कर रहे हैं यदि प्रबंधन इससे नहीं सुनेगा, तो चक्का जाम कर दिया जाएगा. प्रबंधन के खिलाफ पतरातू में सभी दलों के कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं.खासकर आजसू का समर्थन ज्यादा दिख रहा है.कुछ दिन पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जा चुका है.इस संबंध में आजसू के रोशन चौधरी ने कहा कि नौकरी मुआवजा को लेकर भूख हड़ताल की जा रही है.विदित हो कि पतरातू थर्मल पावर को एनटीपीसी को देने के बाद इसका नाम पीयूवीएनएल कर दिया गया है. बिना प्रदूषण के इस प्लांट द्वारा चार हजार मेगावाट की बिजली उत्पादन की योजना है और इस पर काम जारी है. लेकिन स्थानीय लोगों को शिकायत है कि उनको विश्वास में लिया गया ना ही सरकार उनके लिए कुछ कर रही है.

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PTPS से विस्थापित 25 गांव के लोग अपनी मांगो को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले गए. पीयूवीएनएल प्रवेश द्वार के समक्ष 57 लोग यह अनिश्चितकालीन भुख हड़ताल कर रहे हैं. आंदोलन कारी रैयत विस्थापितों का कहना है कि उनके द्वारा कई बार आंदोलन किया गया मगर कोई समाधान नहीं निकला. कई बार पीटीपीएस के विस्थापित धरना-प्रदर्शन व आंदोलन कर चुके हैं. आज एक बार फिर 25 गांवों के विस्थापित भुख हड़ताल पर बैठे हैं. रैयत विस्थापित नेता आदित्य नारायण साहू ने कहा कि भूख हड़ताल कर रहे हैं यदि प्रबंधन इससे नहीं सुनेगा, तो चक्का जाम कर दिया जाएगा. प्रबंधन के खिलाफ पतरातू में सभी दलों के कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं.खासकर आजसू का समर्थन ज्यादा दिख रहा है.कुछ दिन पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जा चुका है.इस संबंध में आजसू के रोशन चौधरी ने कहा कि नौकरी मुआवजा को लेकर भूख हड़ताल की जा रही है.विदित हो कि पतरातू थर्मल पावर को एनटीपीसी को देने के बाद इसका नाम पीयूवीएनएल कर दिया गया है. बिना प्रदूषण के इस प्लांट द्वारा चार हजार मेगावाट की बिजली उत्पादन की योजना है और इस पर काम जारी है. लेकिन स्थानीय लोगों को शिकायत है कि उनको विश्वास में लिया गया ना ही सरकार उनके लिए कुछ कर रही है.

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