पूर्वांचल में जातिगत समीकरण ध्वस्त में जुटी बीजेपी

उत्तर प्रदेश08:11 PM IST May 14, 2019

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण की लड़ाई उत्तर प्रदेश के आखिरी कोने में पहुंच चुकी है. लेकिन उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का ये रण कई मायनों में अहम है. बीजेपी को अपने अश्वमेध के लिए यहां की सारी 13 सीटें जीतनी होंगी. साथ ही अगर विपक्ष बीजेपी के दिग्विजय को रोकना चाहता है तो उसे यहीं घोड़े को पकड़ना होगा. यानि इन सीटों को बीजेपी के पाले में जाने से रोकना होगा. इसी में वाराणसी की सीट भी है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अजेय बना दिया है. इसके साथ ही योगी की ताकत की भी एक बार फिर परीक्षा होनी है. बीजेपी की चुनौती ये है फिलहाल उसकी झोली में ये सारी सीटें हैं. कांग्रेस को भी ये चुनौती है कि ये सारी सीटें कांग्रेस के उसी पूर्वांचल का हिस्सा है जहां की प्रभारी प्रियंका गांधी हैं.

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लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण की लड़ाई उत्तर प्रदेश के आखिरी कोने में पहुंच चुकी है. लेकिन उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का ये रण कई मायनों में अहम है. बीजेपी को अपने अश्वमेध के लिए यहां की सारी 13 सीटें जीतनी होंगी. साथ ही अगर विपक्ष बीजेपी के दिग्विजय को रोकना चाहता है तो उसे यहीं घोड़े को पकड़ना होगा. यानि इन सीटों को बीजेपी के पाले में जाने से रोकना होगा. इसी में वाराणसी की सीट भी है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अजेय बना दिया है. इसके साथ ही योगी की ताकत की भी एक बार फिर परीक्षा होनी है. बीजेपी की चुनौती ये है फिलहाल उसकी झोली में ये सारी सीटें हैं. कांग्रेस को भी ये चुनौती है कि ये सारी सीटें कांग्रेस के उसी पूर्वांचल का हिस्सा है जहां की प्रभारी प्रियंका गांधी हैं.

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