VIDEO : बापू यहां आए तो थे 2 दिन के लिए लेकिन ऐसा मन रमा कि...

उत्तराखंडOctober 2, 2017, 4:15 PM IST

महात्मा गांधी 1929 में पर्यटन नगरी कौसानी आए थे. वो यहां आए तो थे सिर्फ दो दिन के लिए, लेकिन यहां कुदरती सौंदर्य और शांति ने उनका ऐसा मन मोहा कि वो 14 दिन तक यहां रुके रहे. बापू ने यहीं प्रसिद्ध पुस्तक अनाशक्ति योग की प्रस्तावना लिखी. इस दौरान बापू जिस बंगले में ठहरे थे, उसे अब अनाशक्ति आश्रम नाम दे दिया गया है. इस बंगले में महात्मा गांधी से जुड़ी सभी स्मृतियों को संजोया गया है. गांधी स्मारक निधि ने 1964 में इस बंगले को अनाशक्ति आश्रम का नाम दिया था. बापू की कई दुर्लभ तस्वीरों का संग्रह और गांधी दर्शन पुस्तकालय भी यहां है.

Himanshu sagta

महात्मा गांधी 1929 में पर्यटन नगरी कौसानी आए थे. वो यहां आए तो थे सिर्फ दो दिन के लिए, लेकिन यहां कुदरती सौंदर्य और शांति ने उनका ऐसा मन मोहा कि वो 14 दिन तक यहां रुके रहे. बापू ने यहीं प्रसिद्ध पुस्तक अनाशक्ति योग की प्रस्तावना लिखी. इस दौरान बापू जिस बंगले में ठहरे थे, उसे अब अनाशक्ति आश्रम नाम दे दिया गया है. इस बंगले में महात्मा गांधी से जुड़ी सभी स्मृतियों को संजोया गया है. गांधी स्मारक निधि ने 1964 में इस बंगले को अनाशक्ति आश्रम का नाम दिया था. बापू की कई दुर्लभ तस्वीरों का संग्रह और गांधी दर्शन पुस्तकालय भी यहां है.

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