VIDEO: देवीधुरा बग्वाल के मेले का उद्घाटन, वाजपेयी के शोक में देर से शुरू

उत्तराखंड06:32 PM IST Aug 23, 2018

देवीधुरा में विश्व प्रसिद्ध मां बाराही मंदिर में दस दिन तक चलने वाले बग्वाल मेले का आज विधिवत उद्घाटन हो गया. बग्वाल मेले का उद्घाटन पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द कुंजवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल अधिकारी ने किया. इस दौरान मां बाराही के मैदान देवीधुरा में ढोल नगाड़ों और पहाड़ की संस्कृति की झलक देखेने को मिली. बग्वाल मेले का उद्धघाटन करने आए जागेश्वर विधानसभा के विधायक गोविन्द कुंजवाल ने कहा देवीधुरा में रक्षाबंधन के दिन खेली जाने वाली बग्वाल दुनिया में अगल परपरा के तौर पर पहचान रखती है. उन्होंने यह भी बताया कि मेला पहले ही शुरू हो जाना चाहिए था लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु के चलते इसे टाला गया. बुधवार को शोक ख़त्म हो जाने के बाद आज मेले की विधिवत शुरुआत की गई है. मेला आयोजक जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल अधिकारी ने कहा 26 अगस्त को होने वाली बग्वाल के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बता दें कि देवीधुरा की बग्वाल में स्थानीय निवासी दो गुट बनाकर एक-दूसरे पर पत्थरों की बारिश करते हैं. मान्यता अनुसार देवी की बलि में दिए जाने वाले रक्त के बराबर खून बहने पर इस बग्वाल को रोक दिया जाता है. इस बग्वाल को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं.

Kamlesh Bhatt

देवीधुरा में विश्व प्रसिद्ध मां बाराही मंदिर में दस दिन तक चलने वाले बग्वाल मेले का आज विधिवत उद्घाटन हो गया. बग्वाल मेले का उद्घाटन पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द कुंजवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल अधिकारी ने किया. इस दौरान मां बाराही के मैदान देवीधुरा में ढोल नगाड़ों और पहाड़ की संस्कृति की झलक देखेने को मिली. बग्वाल मेले का उद्धघाटन करने आए जागेश्वर विधानसभा के विधायक गोविन्द कुंजवाल ने कहा देवीधुरा में रक्षाबंधन के दिन खेली जाने वाली बग्वाल दुनिया में अगल परपरा के तौर पर पहचान रखती है. उन्होंने यह भी बताया कि मेला पहले ही शुरू हो जाना चाहिए था लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु के चलते इसे टाला गया. बुधवार को शोक ख़त्म हो जाने के बाद आज मेले की विधिवत शुरुआत की गई है. मेला आयोजक जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल अधिकारी ने कहा 26 अगस्त को होने वाली बग्वाल के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बता दें कि देवीधुरा की बग्वाल में स्थानीय निवासी दो गुट बनाकर एक-दूसरे पर पत्थरों की बारिश करते हैं. मान्यता अनुसार देवी की बलि में दिए जाने वाले रक्त के बराबर खून बहने पर इस बग्वाल को रोक दिया जाता है. इस बग्वाल को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं.

Latest Live TV