VIDEO: देवशयनी एकादशी : चतुर्मास के दौरान नहीं होंगे शुभ कार्य

उत्तराखंडJuly 12, 2019, 4:35 PM IST

देवशयनी एकादशी का हिन्‍दू धर्म में विशेष महत्‍व है. मान्‍यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु निद्रा में चले जाते हैं. भगवान फिर चार महीने बाद देवप्रबोधनी एकादशी के दिन जागते हैं. पुराणों के मुताबिक इन 4 महीनों के दौरान भगवान विष्‍णु पाताल लोक के राजा बलि के पास रहते हैं. इसलिए कहा जाता है कि श्री हरि निद्रा में हैं. इन चार महीनों को चतुर्मास के नाम से जाना जाता है. यही वजह है कि इस दौरान सभी शुभ कार्य रुक जाते हैं. भगवान के सोने की वजह से मांगलिक कार्य जैसे कि विवाह, जनेऊ, गृह प्रवेश, नामकरण व उपनयन संस्‍कार नहीं होते हैं.

Ashish Dobhal

देवशयनी एकादशी का हिन्‍दू धर्म में विशेष महत्‍व है. मान्‍यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु निद्रा में चले जाते हैं. भगवान फिर चार महीने बाद देवप्रबोधनी एकादशी के दिन जागते हैं. पुराणों के मुताबिक इन 4 महीनों के दौरान भगवान विष्‍णु पाताल लोक के राजा बलि के पास रहते हैं. इसलिए कहा जाता है कि श्री हरि निद्रा में हैं. इन चार महीनों को चतुर्मास के नाम से जाना जाता है. यही वजह है कि इस दौरान सभी शुभ कार्य रुक जाते हैं. भगवान के सोने की वजह से मांगलिक कार्य जैसे कि विवाह, जनेऊ, गृह प्रवेश, नामकरण व उपनयन संस्‍कार नहीं होते हैं.

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