VIDEO: पंचेश्वर बांध से बढ़ जाएंगी बादल फटने की घटनाएं, बिगड़ेगा प्रकृति का संतुलन

उत्तराखंडSeptember 20, 2017, 3:27 PM IST

विश्व के सबसे बड़े प्रस्तावित पंचेश्वर बॉंध से पर्यावरणविदों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं. हरेला संस्था के निदेशक मनु दफाली का कहना है कि बॉंध की 120 वर्ग किलोमीटर झील जहां तेज बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं में इजाफा करेगी, वहीं झील के बनने से वन्यजीव और मानव संघर्ष भी बढ़ेगा. दफाली की माने तो 120 वर्ग किलोमीटर का इलाका डूबने पर यहां के जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने को मजबूर हो जाएंगे, जिससे प्रकृति का संतुलन भी गड़बड़ाएगा.

Vijay Vardhan

विश्व के सबसे बड़े प्रस्तावित पंचेश्वर बॉंध से पर्यावरणविदों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं. हरेला संस्था के निदेशक मनु दफाली का कहना है कि बॉंध की 120 वर्ग किलोमीटर झील जहां तेज बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं में इजाफा करेगी, वहीं झील के बनने से वन्यजीव और मानव संघर्ष भी बढ़ेगा. दफाली की माने तो 120 वर्ग किलोमीटर का इलाका डूबने पर यहां के जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने को मजबूर हो जाएंगे, जिससे प्रकृति का संतुलन भी गड़बड़ाएगा.

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