VIDEO: प्रसिद्ध शक्तिपीठ कालीमठ में नहीं है मूर्ति पूजा का विधान

उत्तराखंड09:42 PM IST Oct 12, 2018

मां शक्ति के 108 स्वरूपों में से एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ कालीमठ रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित है. देवासुर संग्राम से जुडी यहां की ऐतिहासिक घटना में माता पार्वती ने रक्तबीज दानव का वध किया था. दानव का वध करने के बाद माता जमीन के अंदर समा गई थीं. हिमालय में स्थित होने के कारण इस पीठ को गिरिराज पीठ के नाम से भी जाना जाता है. तन्त्र साधना के लिए यह सर्वोपरि स्थान माना जाता है. यहां पर मूर्ति पूजा का विधान नहीं है. मंदिर के गर्भ गृह में स्थित कुण्डी की ही यहां पूजा की जाती है. (रुद्रप्रयाग से सुनीत चौधरी की रिपोर्ट)

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मां शक्ति के 108 स्वरूपों में से एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ कालीमठ रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित है. देवासुर संग्राम से जुडी यहां की ऐतिहासिक घटना में माता पार्वती ने रक्तबीज दानव का वध किया था. दानव का वध करने के बाद माता जमीन के अंदर समा गई थीं. हिमालय में स्थित होने के कारण इस पीठ को गिरिराज पीठ के नाम से भी जाना जाता है. तन्त्र साधना के लिए यह सर्वोपरि स्थान माना जाता है. यहां पर मूर्ति पूजा का विधान नहीं है. मंदिर के गर्भ गृह में स्थित कुण्डी की ही यहां पूजा की जाती है. (रुद्रप्रयाग से सुनीत चौधरी की रिपोर्ट)

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