डीएम और कलेक्टर में क्‍या होता है अंतर? 

DM- डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट और DC- डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर.

डीएम की कार्यशक्ति दण्‍ड प्रक्रिया संहिता (CrPC), 1973 से मिलती है. 

कलेक्टर को भूमि राजस्‍व संहिता (Land Revenue Code), 1959 से मिलती है.

राजस्व प्रबंधन से जुड़ा सबसे बड़ा अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ही होता है.

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट- भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी होता है.

डीएम की सैलरी 1 लाख से 1.5 लाख रुपए प्रति महीने होती है.

राजस्व कानून के तहत एसडीएम को कलेक्टर की सभी शक्तियां मिलती हैं. 

एसडीएम की मासिक सैलरी 50 से 60 हजार रुपए प्रतिमाह होती है.

DM जिले के लॉक-अप्‍स और जेलों के प्रबंधन का निरीक्षण करता है.

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