कैसे दीवाली की रात सबसे ज्यादा तंत्रसाधना

दीवाली की रात अमावस्या होती है.

इसे कालरात्रि, महानिशा, दिव्यरजनी
और महाकृष्णा भी कहा गया है.

तांत्रिक और अघोरी शक्तियां इस रात शक्तियों को सिद्ध करते हैं.

दशहरा, नवरात्रि और दिवाली की रात तंत्रसाधना सबसे ज्यादा फल देती है.

कई शास्त्रों में भी इस बात का
उल्लेख किया गया है.

दीपावली की रात सबसे शक्तिशाली
मानी जाती है, तंत्रशास्त्र के लिए महारात्रि.

मुगल दौर में तंत्र से बचाने के लिए कर्मचारियों को बाहर नहीं निकलने देते थे.

महल में काला जादू से बचने के
लिए उस दिन कोई सब्जी नहीं
मंगाई जाती थी.

कुछ खास तबकों में अब भी ये
प्रैक्टिस की जाती है.

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