क्या है परनामी संप्रदाय, जिसे
मानती थीं गांधीजी की मां

गांधीजी की मां परनामी संप्रदाय
में यकीन रखती थीं.

'पुतलीबाई' थीं महात्मा गांधी की मां.

परनामी संप्रदाय गीता और कुरान में
भेद नहीं करता.

गांधी ने लिखा, मेरा परिवार परनामी था. मां हमेशा परनामी धार्मिक स्थल पर जाती थीं.

परनामी सात्विक जीवन, परोपकार,
  शाकाहार को मानते हैं.

साथ ही वो जीवों पर दया की
 भावना को आगे रखते हैं.

परनामी हिंदू धर्म ग्रंथ पढ़ते हुए पैगंबर
 मोहम्मद का नाम लेते हैं.

कृष्ण की स्तुति के दौरान कुरान की
बातें करते हैं.

देशभर में इसके करीब 60 लाख
अनुयायी हैं.

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