इन तस्वीरों को देख कर होगा ऐतिहासिक धरोहरों का अहसास !

वडोदरा के जेतलपुर इलाके में स्थित प. एन। गाडगिल एंड संस आर्ट गैलरी में "संस्कृति" शीर्षक के तहत एक फोटोग्राफी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. 

यहां तुषार तेरे, प्रार्थी शाह और काव्या शाह द्वारा क्लिक की गई लगभग 30 तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया है।

विरासत में हमारे देश के विभिन्न राज्यों-शहरों-गांवों में पाई जाने वाली धार्मिक रीति-रिवाज, त्योहारों के उत्सव, दैनिक जीवन शैली और आदिवासी संस्कृति भी हमारी ऐतिहासिक धरोहर हैं।

यहां कुल 24 तस्वीरें और शेष 6 काव्या शाह द्वारा बनाए गए डिजिटल चित्र हैं। जिसमें से फोटोग्राफर तुषार की लगभग 12 तस्वीरें संस्कृति प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई हैं। 

 संस्कृति प्रदर्शनी में 12 फोटो डिस्प्ले हैं जिनमें ऐतिहासिक स्थानों, त्योहारों, परंपराओं की तस्वीरें दिखाई जाती हैं। जो मथुरा, नेपाल, वांकानेर, राजस्थान, अहमदाबाद, लेह लद्दाख की क्लिक हैं।

फोटोग्राफर प्रार्थी शाह 2014 से फोटोग्राफी कर रहे हैं और वह हेरिटेज मैनेजमेंट में कार्यरत भी हैं यही नहीं वो समय-समय पर फोटो प्रदर्शनियों का आयोजन भी करती हैं।

प्रार्थी शाह ने अब तक दो एकल और छह समूह प्रदर्शनियां कर चुकीं हैं। वही काव्या शाह ने एमएस यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर की पढ़ाई की और वह पिछले दो सालों से डिजिटल इलस्ट्रेशन में काम कर रही हैं।

यहां प्रदर्शनी में 6 डिजिटल चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। जिनमें हुमायूं का मकबरा, सीकरा, जयपुर बावड़ी, वाराणसी घाट, जयपुर गेट, उदयपुर सिटी पैलेस को दिखाया गया है।

 इन डिजिटल इलस्ट्रेशन में विचारों को जोड़ और विरासत में कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, तो उसे फिर से बनाया और दिखाया जाता है।

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