गरीबी में पली हिमा दास बनीं 'उड़नपरी'

भारतीय धावक हिमा दास प्रेरणा देने वाली हैं.

हिमा दास ने एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीता है.

हिमा दास जूनियर वर्ल्ड चैंपियन भी रह चुकी हैं.

हिमा दास बेहद गरीब आदिवासी परिवार से आती हैं.

हिमा दास के पास कभी दौड़ने के लिए जूते भी नहीं थे.

अब बड़े-बड़े ब्रांड उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहते हैं.

हिमा लड़कों के साथ नंगे पैर खेत में फुटबॉल खेलती थीं.

हिमा की फुर्ती देख पीटी टीचर ने एथलेटिक्स चुनने को कहा.

फिर हिमा ने पिता के खेत में ही स्प्रिंट की प्रैक्टिस शुरू कर दी.

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