VIRAL VIDEO: चाचा के लड़के से शादी पर बोली मुस्लिम लड़की, हम नहीं होते भाई-बहन, देने लगी ऐसे तर्क!
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अक्सर लोगों के बीच मुसलमानों के धर्म से जुड़े कई रिवाजों को लेकर चर्चा होती रहती है. इसमें एक है भाई-बहन का निकाह. सोशल मीडिया पर एक मुस्लिम लड़की ने इन शादियों की वजह का खुलासा किया है.

इस्लाम धर्म के रिवाजों को लेकर अक्सर समाज में बहस होती रहती है, खासकर चचेरे भाई-बहनों के निकाह को लेकर. कई लोग इसे गलत समझते हैं और पूछते हैं कि मुसलमान अपनी ‘बहनों’ से शादी क्यों करते हैं? लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर एक मुस्लिम लड़की ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उसने इस रिवाज की सच्चाई खोलकर रख दी. वीडियो में उसने बताया कि आखिर क्या वजह है कि मुस्लिम अपने भाई-बहनों के बीच शादी करते हैं.
मुस्लिम लड़की ने इंस्टाग्राम पर वीडियो में इसका खुलासा किया है.उसने बड़ी बेबाकी से इस मसले पर अपनी राय रखी. पॉडकास्ट में जब होस्ट ने पूछा कि आप भाई-बहन शादी क्यों करते हैं तो उसने साफ़ कहा कि सिर्फ एक मां की कोख से जन्मी औलाद ही भाई बहन होते हैं. इसके अलावा वो किसी भी रिश्ते में शादी कर सकते हैं. “बहन भाई की शादी? ये गलतफहमी है. इस्लाम में सिर्फ एक ही मां की कोख से पैदा हुए सगे भाई-बहन को महरम माना जाता है, जिनसे निकाह हराम है. लेकिन चचेरे, ममेरे, फुफेरे भाई-बहन महरम नहीं है. कुरान की सूरह अन-निसा (4:22-24) में अल्लाह ने उन महिलाओं की लिस्ट दी है जिनसे शादी मना है—मां, बेटी, बहन, मौसी, खाला आदि. चचेरी बहन इसमें शामिल नहीं है.
इसलिए होती है परिवार में शादी
लड़की ने वीडियो में खुलासा किया कि एक खास वजह है, जिसके कारण कजिन की शादियां करवाई जाती है. ये है परिवार के रिश्ते मजबूत रखना. हालांकि, उसके इस तर्क को सुनकर होस्ट हंस पड़ा. बात अगर इस्लाम की करें तो ये प्रथा प्री-इस्लामिक काल से चली आ रही है. पैगंबर मुहम्मद (सल्ल.) की बेटी फातिमा का निकाह उनके चचेरे भाई अली से हुआ था. हदीस में भी इसका जिक्र है. लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी, “हलाल है लेकिन जेनेटिक रिस्क्स से बचे. अगर लगातार चचेरे भाई-बहनों की शादियां हों तो बच्चों में बीमारियां बढ़ सकती है. इस्लाम अनुशंसा नहीं करता, लेकिन रोकता भी नहीं है.
लड़की ने वीडियो में खुलासा किया कि एक खास वजह है, जिसके कारण कजिन की शादियां करवाई जाती है. ये है परिवार के रिश्ते मजबूत रखना. हालांकि, उसके इस तर्क को सुनकर होस्ट हंस पड़ा. बात अगर इस्लाम की करें तो ये प्रथा प्री-इस्लामिक काल से चली आ रही है. पैगंबर मुहम्मद (सल्ल.) की बेटी फातिमा का निकाह उनके चचेरे भाई अली से हुआ था. हदीस में भी इसका जिक्र है. लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी, “हलाल है लेकिन जेनेटिक रिस्क्स से बचे. अगर लगातार चचेरे भाई-बहनों की शादियां हों तो बच्चों में बीमारियां बढ़ सकती है. इस्लाम अनुशंसा नहीं करता, लेकिन रोकता भी नहीं है.
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भारत में होता रहा है विवाद
भारत में ये रिवाज विवादास्पद रहा है. कुछ लोग इसे ‘बहन से शादी’ कहकर ट्रोल करते हैं, लेकिन इस्लामिक युवा इसे क्लियर कर रहे हैं. एक रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के 20 प्रतिशत मुस्लिम शादियां कजिन मैरिज है. लेकिन आधुनिक युवा इससे दूर हो रहे हैं. वो हेल्थ को लेकर अवेयर हो रहे हैं.
भारत में ये रिवाज विवादास्पद रहा है. कुछ लोग इसे ‘बहन से शादी’ कहकर ट्रोल करते हैं, लेकिन इस्लामिक युवा इसे क्लियर कर रहे हैं. एक रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के 20 प्रतिशत मुस्लिम शादियां कजिन मैरिज है. लेकिन आधुनिक युवा इससे दूर हो रहे हैं. वो हेल्थ को लेकर अवेयर हो रहे हैं.
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Sandhya Kumari
न्यूज 18 में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हूं. रीजनल सेक्शन के तहत राज्यों में हो रही उन घटनाओं से आपको रूबरू करवाना मकसद है, जिसे सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है. ताकि कोई वायरल कंटेंट आपसे छूट ना जाए.
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