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Bihar Election Result 2020 Live: बेगूसराय सीट से NDA ने महागठबंधन को हराया

Bihar Election Result 2020 Live: बेगूसराय विधानसभा सीट से NDA ने महागठबंधन को हराया

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Bihar Assembly Election Result 2020 Live Updates: बेगूसराय विधानसभा सीट (Begusarai Assembly Constituency) पर भाजपा की ओर से कुंदन सिंह ने जीत दर्ज की.

Bihar Election Result 2020 Live: बेगूसराय सीट से NDA ने महागठबंधन को हरायाZoom
Bihar Election Result: बेगूसराय विधानसभा सीट से कुंदन कुमार जीते.
बेगूसराय. बेगूसराय विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के कुंदन कुमार ने कांग्रेस की अमिता भूषण को 4,554 मतों से हराया. इस विधानसभा सीट पर कुल 18 प्रत्याशी मैदान में थे. गौरतलब है कि 2015 के चुनावों में अमिता भूषण यहां से चुनाव जीतने में कामयाब रही थीं. जिला मुख्यालय इसी बेगूससराय विधानसभा क्षेत्र (Begusarai Assembly Constituency) के अंतर्गत आता है. इस सीट का राजनीतिक इतिहास बेहद दिलचस्प है. दरअसल परंपरागत रूप में ज्यादातर चुनावों में कांग्रेसऔर कम्युनिस्ट पार्टी के जन प्रतिनिधियों के बीच ही मुकाबला रहा है. खास तथ्य ये भी है कि जीतने वाली पार्टियां कई मौकों पर विभिन्न रहीं, लेकिन जीतने वाला उम्मीदवार एक ही रहा. 1967 में वाम समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार भोला सिंह (Bhola Singh) ने कांग्रेस के रामनारायण चौधरी को हराया था. फिर इसी सीट पर 1972 में भोला सिंह सीपीआई के उम्मीदवार के रूप में जीते. इसके बाद भोला सिंह कांग्रेस में गए और 1985 तक जीतते रहे.
इसी तरह 2000  में भी दिखा. दरअसल 1990 में सीपीएम के वासुदेव सिंह व 1995 में राजेंद्र प्रसाद सिंह (सीपीएम) से लगातार हार का सामना कर रहे भोला सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया  और 2000 में बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की. इस इलेक्शन में उन्होंने सीपीआई के कमली महतो को हरा दिया. यह सिलसिला 2005  तक चला. फिर 2009 में भोला बाबू नवादा से सांसद बने और यह सीट खाली हो गई.
उपचुनाव में बीजेपी के श्रीकृष्ण सिंह चुनाव जीत विधायक बने. फिर 2010 में श्रीकृष्ण सिंह की जगह सीपीआई से आए सुरेंद्र मेहता को टिकट मिला. एनडीए प्रत्याशी सुरेंद्र मेहता जीत गए. जबकि 2015 में बने महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी अमिता भूषण जीतीं और श्री मेहता चुनाव हार गए. लेकिन,इस बार महागठबंधन का स्वरूप बदल गया है. जदयू अब एनडीए में है.
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दिलचस्प इतिहास का हिस्सा हैं भोला सिंह
भोला सिंह 1967 के विधानसभा चुनाव में वामदल समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल कर चुके थे, लेकिन 1972 सीपीआई को इस सीट पर पहली बार जीत हासिल हुई है और उसके प्रत्याशी के रूप में भोला सिंह निर्वाचित हुए थे। 1977 में सीपीआई छोड़कर कांग्रेस में गए और इसी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी.
15 साल तक रहा बीजेपी का कब्जा
बेगूसराय में  भोला सिंह 1967 के विधानसभा चुनाव में वामदल समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते तो  1972 सीपीआई के टिकट पर जीते. 1977 में सीपीआई छोड़कर कांग्रेस में गए और जीते. गौरतलब है कि पहली बार भोला सिंह के नेतृत्व में वामपंथ ने जीत हासिल की थी, उसी तरह 2000 में यहां भोला सिंह के रूप में कमल खिला था यानी बीजेपी जीती थी. इसके बाद लगातार 15 साल तक बीजेपी का कब्जा रहा.
अब तक जीते प्रत्याशी
1952: सरयू प्रसाद सिंह (कांग्रेस)
1957: सरयू प्रसाद सिंह (कांग्रेस)
1962: रामनारायण चौधरी (कांग्रेस)
1967: भोला सिंह (निर्दलीय वाम समर्थित)
1969: सरयू प्रसाद सिंह (कांग्रेस)
1972: भोला सिंह (सीपीआई)
1977 भोला सिंह (कांग्रेस)
1980: भोला सिंह (कांग्रेस)
1985: भोला सिंह (कांग्रेस)
1990: वासुदेद सिंह (सीपीएम)
1995: राजेंद्र प्रसाद सिंह (सीपीएम)
2000: भोला सिंह (बीजेपी)
2005: भोला सिंह (बीजेपी)
2009: श्रीकृष्ण सिंह (बीजेपी)
2010: सुरेंद्र मेहता (बीजेपी)
2015: अमिता भूषण (कांग्रेस)
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