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बिहार: नक्सली ने उड़ाई थी स्कूल की बिल्डिंग,अब उसी कैंपस में बच्चों को पढ़ा रही बहू

बिहार के जमुई जिला स्थित एक स्कूल में बच्चों को पढ़ाती नक्सली बालेश्वर कोड़ा की बहू

बिहार के जमुई जिला स्थित एक स्कूल में बच्चों को पढ़ाती नक्सली बालेश्वर कोड़ा की बहू

Inspiring Story: नक्सली कमांडर बालेश्वर कोड़ा ने अपने दो साथियों के साथ पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था. बच्चों को शिक्षा ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

बिहार का जमुई जिला नक्सलियों के प्रभुत्व वाला जिला है
इस क्षेत्र के कुख्यात नक्सली बालेश्वर कोड़ा ने कुछ दिन पहले ही सरेंडर किया था
स्कूल में जाकर बच्चों को पढ़ा रही रंजू देवी नक्सली कमांडर बालेश्वर कोड़ा की बहू है

जमुई. बिहार का जमुई जिला नक्सल प्रभावित है. इस जिले में कई हार्डकोर नक्सली हैं जो समय-समय पर बड़ी वारदातों को अंजाम देते हैं लेकिन इसी इलाके के एक कुख्यात नक्सली की बहू अब शिक्षा का अलख जगा रही है. जिस स्कूल भवन को दस साल पहले विस्फोट कर उसके ससुर जो कि नक्सली कमांडर था, ने उड़ा दिया था उसी नक्सली की बहू अब स्कूल में बच्चों को शिक्षा दे रही है. मामला जिले के बरहट इलाके के सुदूर जंगल में बसा चोरमारा गांव की है.

चोरमारा गांव के बच्चे अब स्कूल जाने और पढ़ने लगे हैं. खास बात ये है कि इस स्कूल में नक्सली कमांडर बालेश्वर कोड़ा की बहू रंजू देवी भी शिक्षक की तरह ही स्कूली बच्चों को पढ़ा रही है. रंजू देवी उस नक्सली कमांडर बालेश्वर कोड़ा की बहू है जिसने अपने दस्ते के साथ इस स्कूल भवन को विस्फोट कर उड़ाया था. विस्फोट कर उड़ाया गया भवन आज भी इसी स्कूल परिसर में है लेकिन अब इसी स्कूल में नक्सली की बहू रंजू देवी शिक्षा की अलख जगा रही है. रंजू देवी मैट्रिक पास है और हर दिन स्कूल आकर बच्चो को पढ़ाती है.

बीते जून महीने में नक्सली कमांडर बालेश्वर कोड़ा ने अपने दो साथियों के साथ पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था. इसके बाद बालेश्वर कोड़ा की बहू ने सीआरपीएफ के अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की थी कि वह स्कूल में पढ़ाना चाहती है, तब से वह हर दिन स्कूल आती है और बच्चो को पढ़ाती है. रंजू देवी का कहना है कि जब उसके ससुर ने सरेंडर कर दिया तब उसने स्कूल में पढ़ाने के लिए पुलिस अधिकारी से मांग की थी, क्योंकि गांव के बच्चे पढ़ नहीं पाते थे.

रंजू कहती है कि अब मैं पढ़ा रही हूं, मुझे अच्छा लग रहा है. गांव समाज में मेरा इज्जत बढ़ा है. मैं चाहती हूं कि बच्चे पढ़ें और आगे बढ़ें, हमारा गांव तरक्की करे. नक्सली कमांडर बालेश्वर कोड़ा की बहू रंजू देवी का स्कूल में पढ़ाने से गांव के बच्चो पर असर पड़ा है. जिस स्कूल में शिक्षक नक्सली के भय से नहीं जाते थे अब वहां पढ़ाई हो रही है. स्कूल नहीं जाने वाले बच्चे शिक्षा से जुड़ गए हैं. रंजू देवी की कोशिश से सभी लोग खुश हैं।

जिले के डीएम अवनीश कुमार सिंह ने इस मामले ने बताया कि जिस नक्सली के भय से स्कूल नहीं खुलते थे, बच्चे पढ़ नहीं पाते थे, बालेश्वर कोड़ा ने जब सरेंडर किया तब उसकी बहू ने स्कूल में पढ़ाने की मांग की थी, ये अच्छी बात है कि रंजू देवी हर दिन स्कूल में बच्चो को पढ़ाती है.

Tags: Bihar News, Crime In Bihar, Jamui news

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