जान लीजिए सोना खरीदने-बेचने के नए नियम, नहीं मानने वालों को होगी जेल
Agency:News18Hindi
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Akshaya Tritiya 2020 -नए नियम के तहत सोने की ज्वेलरी (Gold Jewelry) को बिना हॉलमार्किंग के बेचना कानूनन अपराध होगा. इसके लिए ज्वेलर्स (Jeweler) को जुर्माना या सजा या फिर दोनों हो सकते हैं.

नई दिल्ली. अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2020 ) पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. अगर आप भी सोना या फिर सोने के गहने (Gold Jewellery) खरीदने जा रहे हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. क्योंकि सोने (Gold) के गहने खरीदने के नियम बदल गए है. सरकार ने सोने और चांदी की ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग (Gold Jewellery Hallmarking) अनिवार्य कर दी है. नए नियम के तहत गहनों की बिक्री के लिए 1 साल का समय दिया है. 15 जनवरी, 2021 के बाद से बगैर हॉलमार्किंग का गहना बेचना कानून अपराध होगा. इसके लिए आभूषण विक्रेता को जुर्माना या सजा या फिर दोनों हो सकते हैं.
क्या है सोना बेचने और खरीदे के नए नियम -केंद्रीय उपभोक्ता मामले के मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने इस साल की शुरुआत में बताया था कि सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य करने की प्रक्रिया 15 जनवरी 2020 से शुरू हो रही है और एक साल बाद 15 जनवरी, 2021 से यह कानून लागू हो जाएगा. इस कानून के लागू होने के बाद बगैर हॉलमार्क के सोने के गहने बेचने पर ज्वेलर्स को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और उन्हें जेल की सजा भी हो सकती है.
क्या होती है हॉलमार्किंग- हॉलमार्किंग से ज्वेलरी में सोने कितना लगा है और अन्य मेटल कितने हैं इसके अनुपात का सटीक निर्धारण एवं आधिकारिक रिकार्ड होता है. नए नियमों के तहत अब सोने की ज्वेलरी की हॉल मार्किंग होना अनिवार्य होगा. इसके लिए ज्वेलर्स को लाइसेंस लेना होगा.
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आज सोना और चांदी महंगा हो गया है.
अगर आप सोने के गहनों पर हॉलमार्क है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता प्रमाणित है. असली हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है. उस पर हॉलमार्किंग सेंटर के लोगो के साथ सोने की शुद्धता भी लिखी होती है. उसी में ज्वेलरी निर्माण का वर्ष और उत्पादक का लोगो भी होता है. अगर आपको संदेह है तो आप पास के किसी हॉलमार्किंग सेंटर में जाकर ज्वेलरी की जांच करवा लें. देश भर में करीब 900 हॉलमार्किंग सेंटर हैं इनकी लिस्ट आप bis.org.in पर जाकर देख सकते हैं.
15 जनवरी, 2021 से लागू होगा कानून-सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग के लिए देशभर में जिला स्तर पर सेंटर खोले जाएंगे और ज्वेलर्स के लिए बीआईएस के पास रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होगा. हॉलमार्क के बिना सोने के गहने और कलाकृतियां बेचने पर ज्वेलर्स को भारी जुर्माना भरना पड़ेगा और उन्हें एक साल जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है. यह कानून 15 जनवरी, 2021 से लागू होगा.
बीआईएस कानून के तहत एक लाख रुपये तक या आभूषण की कीमत के पांच गुना तक जुर्माना भरना पड़ सकता है. साथ ही एक साल जेल की सजा भी हो सकती है. जुर्माने या सजा का फैसला अदालत करेगी.
15 जनवरी 2021 से सिर्फ हॉलमार्क वाली ज्वेलरी ही भारत में बिकेगी.
आम ग्राहकों को होगा फायदा-सोने के गहनों पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की हॉलमार्किंग अनिवार्य करने का आदेश 15 जनवरी, 2020 को जारी हो गया है. इससे आम उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सोने के गहने पर अब हॉलमार्क को अनिवार्य किया जा रहा है.
बीएसआई की हॉलमार्किंग 14 कैरट, 18 कैरट और 22 कैरट शुद्धता के सोने के गहनों पर की जाएगी. हालमार्किंग में चार चीजें शामिल होंगी, जिनमें बीआईएस का मार्क, शुद्धता जैसे 22 कैरट और 916, असेसिंग सेंटर की पहचान, ज्वेलर्स की पहचान का चिन्ह शामिल हैं.
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