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'कंपनी एक निजी संपत्ति है', विप्रो के अजीम प्रेमजी ने ठुकराई सीएम की मांग

'कंपनी एक निजी संपत्ति है', विप्रो के अजीम प्रेमजी ने ठुकराई सीएम की मांग, क्या है मामला?

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने आईटी कंपनियों से अपली की थी कि वह ट्रैफिक संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए अपना योगदान दें. इसी कड़ी में उन्होंने अजीम प्रेमजी से उनकी कंपनी के एक कैंपस के दरवाजे आम ट्रैफिक के लिए खोलने की अपील की थी.

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अजीम प्रेमजी ने ट्रैफिक की समस्याए के समाधान के लिए दूसरी तरह से सहयोग करने की पेशकश की है.
नई दिल्ली. बेंगलुरु की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था से राहत दिलाने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) ने आईटी कंपनियों से सहयोग मांगा था. खासतौर पर उन्होंने विप्रो (Wipro) से अपील की थी कि कंपनी अपना सरजापुर कैंपस आम वाहनों के लिए खोल दे, ताकि आउटर रिंग रोड का दबाव कम हो सके.

लेकिन विप्रो के फाउंडर और चेयरमैन अजीम प्रेमजी (Azim Premji) ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया. हालांकि उन्होंने साफ किया कि विप्रो सरकार के साथ मिलकर बेंगलुरु की मोबिलिटी चुनौतियों का हल ढूंढने के लिए प्रतिबद्ध है. प्रेमजी ने कंपनी की सीनियर प्रतिनिधि रेश्मी शंकर (Reshmi Shankar) को राज्य सरकार के साथ आगे की बातचीत के लिए नामित भी किया.

SEZ नियमों का हवाला देकर इंकार

अजीम प्रेमजी ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि सरजापुर कैंपस एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) है, जहां कड़े एक्सेस कंट्रोल नियम लागू होते हैं. कंपनी के ग्लोबल क्लाइंट्स के कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक किसी भी तरह की पब्लिक मूवमेंट की अनुमति नहीं दी जा सकती. प्रेमजी ने लिखा, “हमारा सरजापुर कैंपस पूरी तरह निजी संपत्ति है और इसे पब्लिक थ्रूफेयर के तौर पर इस्तेमाल करना कानूनी और प्रशासनिक रूप से संभव नहीं है. इसके अलावा, यह कोई दीर्घकालिक समाधान भी नहीं होगा.”

दीर्घकालिक समाधान पर जोर

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विप्रो चेयरमैन ने कहा कि आउटर रिंग रोड का महत्व बहुत ज्यादा है क्योंकि यह एक एक्सपोर्ट सेंटर्ड कॉरिडोर है. ऐसे में ट्रैफिक समस्या का हल वैज्ञानिक और डेटा-आधारित अध्ययन से ही निकल सकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वस्तरीय अर्बन ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट विशेषज्ञों से एक विस्तृत अध्ययन कराया जाए, जो अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक समाधान का रोडमैप तैयार करे. प्रेमजी ने वादा किया कि इस स्टडी की लागत का बड़ा हिस्सा विप्रो खुद उठाने को तैयार है.

बेंगलुरु का ट्रैफिक बना बड़ी चुनौती

बेंगलुरु लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है. आईटी कॉरिडोर और आउटर रिंग रोड पर रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं. सरकार और कंपनियों के बीच यह बहस अब और तेज हो गई है कि आखिर शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों के बोझ को कैसे संभाला जाए.

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Jai Thakur
जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे...और पढ़ें
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