दादा-दादी का कराना है स्वास्थ्य बीमा, एक्सपर्ट से जानें कितना होना चाहिए प्रीमियम
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Agency:News18Hindi
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वरिष्ठ नागरिक के स्वास्थ्य की स्थिति के आधार पर कंपनियां अपना प्रीमियम तय करती हैं. उनकी सेहत को लेकर जोखिम जितना कम होगा, पॉलिसी उतनी सस्ती मिलने के चांज रहेंगे. 60 साल की उम्र के बाद हर साल 4-5 फीसदी का प्रीमियम बढ़ने का भी अनुमान रहता है.

नई दिल्ली. आप अपने बुजुर्ग माता-पिता या दादा-दादी, नाना-नानी के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना चाहते हैं, तो सिर्फ कवरेज ही नहीं अपने प्रीमियम का नफा-नुकसान भी देखना चाहिए.
अगर बीमित व्यक्ति की उम्र 60 साल के आसपास है तो उनकी कुल बीमित राशि का 2.5 फीसदी तक ही प्रीमियम रखना बेहतर होगा. इसी तरह, उम्र अगर 80 साल तक है तो आप कुल बीमा सम एश्योर्ड राशि का 9 फीसदी तक प्रीमियम दे सकते हैं. इससे ज्यादा का प्रीमियम भर रहे हैं तो यह आपके लिए महंगा है. पॉलिसीबाजार (Policybazar) के प्रमुख (हेल्थ बिजनेस) अमित छाबड़ा ने कहा, ‘ज्यादातर मामलों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रीमियम बीमा राशि के 10 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए.
सबसे सस्ती और सबसे महंगी पॉलिसी
उम्र के साथ पॉलिसी का प्रीमियम सस्ता या महंगा भी हो सकता है. साथ ही इसमें शामिल राइडर और सुविधाओं की वजह से भी कीमतों में अंतर होता है. एक अनुमान के मुताबिक, 75 साल के व्यक्ति के लिए 10 लाख रुपये बीमा की सबसे सस्ती पॉलिसी 27,000 रुपये में और सबसे महंगी पॉलिसी 99,000 रुपये में आ सकती है. जिस पॉलिसी में को-पेमेंट जैसी शर्तें नहीं होतीं, उनका प्रीमियम ज्यादा रहता है.
उम्र के साथ पॉलिसी का प्रीमियम सस्ता या महंगा भी हो सकता है. साथ ही इसमें शामिल राइडर और सुविधाओं की वजह से भी कीमतों में अंतर होता है. एक अनुमान के मुताबिक, 75 साल के व्यक्ति के लिए 10 लाख रुपये बीमा की सबसे सस्ती पॉलिसी 27,000 रुपये में और सबसे महंगी पॉलिसी 99,000 रुपये में आ सकती है. जिस पॉलिसी में को-पेमेंट जैसी शर्तें नहीं होतीं, उनका प्रीमियम ज्यादा रहता है.
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स्वास्थ्य पर होता है निर्भर
अगर किसी वरिष्ठ नागरिक को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है तो प्रीमियम अधिक हो सकता है. यानी आप 75 साल की उम्र में पॉलिसी खरीदते हैं और आपको मधुमेह की गंभीर समस्या है तो बीमा कंपनी इसकी बुनियादी कीमत में 100 से 150 फीसदी तक इजाफा कर सकती है.
अगर किसी वरिष्ठ नागरिक को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है तो प्रीमियम अधिक हो सकता है. यानी आप 75 साल की उम्र में पॉलिसी खरीदते हैं और आपको मधुमेह की गंभीर समस्या है तो बीमा कंपनी इसकी बुनियादी कीमत में 100 से 150 फीसदी तक इजाफा कर सकती है.
हर तीन साल पर बढ़ जाता है प्रीमियम
वैसे तो कंपनियां प्रीमियम बढ़ाने के लिए कोई मानक नहीं बनातीं, लेकिन अमूमन हर तीन साल पर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम 15 फीसदी तक बढ़ जाता है. 60 से 80 साल की उम्र वालों के यह प्रीमियम सालाना 4-5 फीसदी की दर से बढ़ता है. अगर वरिष्ठ नागरिक को कोई गंभीर समस्या है तो हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना मुश्किल हो जाता है.
वैसे तो कंपनियां प्रीमियम बढ़ाने के लिए कोई मानक नहीं बनातीं, लेकिन अमूमन हर तीन साल पर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम 15 फीसदी तक बढ़ जाता है. 60 से 80 साल की उम्र वालों के यह प्रीमियम सालाना 4-5 फीसदी की दर से बढ़ता है. अगर वरिष्ठ नागरिक को कोई गंभीर समस्या है तो हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना मुश्किल हो जाता है.
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Pramod Tiwari
प्रमोद तिवारी साल 2008 से पत्रकारिता की दुनिया से रूबरू हैं और करीब डेढ़ दशक के सफर में कई नामी व प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुके हैं. सबसे पहले दैनिक जागरण पानीपत में रिपोर्टिंग के साथ कैरियर की शुरुआत क...और पढ़ें
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