10वीं-12वीं के एग्जाम से पहले सीबीएसई का 'मास्टरप्लान' तैयार, बोर्ड चेयरमैन ने कहा-एक महीने में...
Agency:News18Hindi
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सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) की दसवीं और बारहवीं की बची हुई परीक्षाएं एक जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक आयोजित की जाएंगी.

नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central board of Secondary Education) यानी सीबीएसई (CBSE) की दसवीं और बारहवीं की बची हुई परीक्षाएं अब 1 जुलाई से 15 जुलाई तक आयोजित की जाएंगी. इसके लिए बोर्ड ने जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि सीबीएसई बोर्ड नतीजों का ऐलान अब जुलाई के अंत या फिर अगस्त की शुरुआत में किया जा सकता है. मगर इस बीच, सीबीएसई बोर्ड ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते हुई स्टूडेंट्स की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई करने की दिशा में अहम कदम उठाया है.
एक महीने में तैयार होगा नया सिलेबस
दरअसल, सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) कोविड19 (Covid19) के चलते हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए सिलेबस में कुछ कटौती करने की दिशा में काम कर रहा है. सिलेबस में बदलाव के लिए एक महीने का वक्त तय किया गया है और इस पर काफी तेजी से काम भी किया जा रहा है. स्टूडेंट्स के हितों को देखते हुए सिलेबस में इस बदलाव की जानकारी खुद सीबीएसई बोर्ड चेयरमैन मनोज आहूजा ने दी है.
दरअसल, सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) कोविड19 (Covid19) के चलते हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए सिलेबस में कुछ कटौती करने की दिशा में काम कर रहा है. सिलेबस में बदलाव के लिए एक महीने का वक्त तय किया गया है और इस पर काफी तेजी से काम भी किया जा रहा है. स्टूडेंट्स के हितों को देखते हुए सिलेबस में इस बदलाव की जानकारी खुद सीबीएसई बोर्ड चेयरमैन मनोज आहूजा ने दी है.
...ताकि भ्रम और अनिश्चितता न हो
सीबीएसई बोर्ड चेयरमैन (CBSE Board Chairman) मनोज आहूजा (Manoj Ahuja) ने एक वर्चुअल कांफ्रेंस के दौरान कहा, हम अचानक से शिक्षा व्यवस्था में बदलाव करके भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति पैदा नहीं कर सकते. करिकुलम में सुधार लर्निंग आउटकम के साथ तालमेल बैठाकर ही किए जा रहे हैं. हम सिलेबस में काट-छांट कर रहे हैं. हमारी योजना कोर एलीमेंट को जस का तस रखने की है. अगर कहीं कोई दोहराव है एक ही बात को समझाने के लिए अधिक उदाहरण हैं तो हम उसकी छंटाई करेंगे. यही हमारी योजना है और ये काम एक महीने के भीतर कर लिया जाएगा.
सीबीएसई बोर्ड चेयरमैन (CBSE Board Chairman) मनोज आहूजा (Manoj Ahuja) ने एक वर्चुअल कांफ्रेंस के दौरान कहा, हम अचानक से शिक्षा व्यवस्था में बदलाव करके भ्रम और अनिश्चितता की स्थिति पैदा नहीं कर सकते. करिकुलम में सुधार लर्निंग आउटकम के साथ तालमेल बैठाकर ही किए जा रहे हैं. हम सिलेबस में काट-छांट कर रहे हैं. हमारी योजना कोर एलीमेंट को जस का तस रखने की है. अगर कहीं कोई दोहराव है एक ही बात को समझाने के लिए अधिक उदाहरण हैं तो हम उसकी छंटाई करेंगे. यही हमारी योजना है और ये काम एक महीने के भीतर कर लिया जाएगा.
16 मार्च से बंद हैं स्कूल-कॉलेज
मानव संसाधन विकास मंत्री (Human Resource Development Minister) रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने अप्रैल में घोषणा की थी कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) एकेडमिक कैलेंडर में सभी कक्षाओं के सिलेबस को कम करने पर काम करेगा. बता दें कि कोरोना वायरस के चलते स्कूल और कॉलेज 16 मार्च से बंद हैं. तब से लेकर अब तक केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में काफी छूट दे दी है, लेकिन स्कूल-कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थान अब भी बंद हैं.
मानव संसाधन विकास मंत्री (Human Resource Development Minister) रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने अप्रैल में घोषणा की थी कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) एकेडमिक कैलेंडर में सभी कक्षाओं के सिलेबस को कम करने पर काम करेगा. बता दें कि कोरोना वायरस के चलते स्कूल और कॉलेज 16 मार्च से बंद हैं. तब से लेकर अब तक केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में काफी छूट दे दी है, लेकिन स्कूल-कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थान अब भी बंद हैं.
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