लाइव टीवी

IAS Success Story: किसान की बेटी ने बिना कोचिंग के क्रैक किया IAS एग्‍जाम, पाई 65वीं रैंक

News18Hindi
Updated: October 31, 2019, 5:49 AM IST
IAS Success Story: किसान की बेटी ने बिना कोचिंग के क्रैक किया IAS एग्‍जाम, पाई 65वीं  रैंक
IAS Success Story: जानिए उस लड़की की कहानी जिसने सेल्‍फ स्‍टडी के दम पर UPSC एग्‍जाम में हासिल की सफलता और पाई 65वीं रैंक.

IAS Success Story: जानिए उस लड़की की कहानी जिसने सेल्‍फ स्‍टडी के दम पर UPSC एग्‍जाम में हासिल की सफलता और पाई 65वीं रैंक.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2019, 5:49 AM IST
  • Share this:
IAS Success Story: न्‍यूज 18 हिंदी पर आप हर दिन आईएएस अधिकारियों के संघर्ष से सफलता तक के सफर से रूबरू होते हैं. मुश्‍किल  हालातों में भी इन युवाओं ने कैसे देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता पाई. इसी कड़ी में आज बात एक ऐसी लड़की की जो एक कृषि परिवार से ताल्‍लुक रखती हैं.

एक मध्‍यम वर्गीय परिवार से संबंधित होने की वजह से इस लड़की के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग कर सकें. ऐसे में उन्‍होंने बिना सपोर्ट के ही इस एग्‍जाम को क्रैक करने का फैसला किया.हालांकि इसमें उन्‍हें एक बार में सफलता नहीं मिली लेकिन फिर भी उनहोंने हिम्‍मत नहीं हारी. आखिरकार साल 2011 में अपने दम पर परीक्षा में सफलता पाई और 65वीं  रैंक हासिल की. इस लड़की का नाम है एनीस कनमनी जॉय. एनीस केरल से ताल्‍लुक रखती हैं. एनीस ने कैसे पाया ये मुकाम आइए जानते हैं..

एनीस केरल के एर्नाकुलम जिले के पंपकुडा से ताल्‍लुक रखती हैं. एनीस के पिता किसान हैं और मां हाउस वाइफ हैं. वह बचपन से पढ़ाई में अच्‍छी थीं. उन्‍होंने त्रिवेंद्रम मेडिकल कॉलेज से बी.एससी से नर्सिंग डिग्री की ली थीं. इसके बाद वह नर्सिंग की इंटर्नशिप कर रही थीं.

बहन ने दी प्रेरणा

इस दौरान उनकी एक कजिन बहन ने UPSC जैसे प्रतियोगी परीक्षा और महत्‍व के बारे में बताया. बहन ने बताया कि अगर समाज में कुछ बदलाव लाने हैं तो इसके लिए सबसे बेहतर रास्‍ता यही है. इसके बाद से ही एनीस ने सिविल सर्विसेज में जाने का ठान लिया था.

खुद की तैयारी पर किया भरोसा
एनीस के आर्थिक हालात इतने अच्‍छे नहीं थे कि वे कोचिंग कर सकें. इसलिए उन्‍होंने बिना किसी सहारे के आगे बढ़ने का फैसला किया.
Loading...

न्‍यूज पेपर पढ़कर की तैयारी
एनीस ने फिर सेल्‍फ स्‍टडी पर भरोसा किया. वे हर दिन न्‍यूजपेपर बहुत ध्‍यान से पढ़ती थीं. अखबार से करंट अफेयर्स के साथ-साथ खुद को अपडेट रखती हूं.

दूसरी बार में मिली सफलता
एनीस ने बिना कोचिंग के पहली बार परीक्षा में साल 2010 में 580 रैंक हासिल की थी. वे अपने रैंक से संतुष्‍ट नहीं थीं. इसलिए वे दोबारा से तैयारी में जुट गईं.आखिरकार उन्‍हें दूसरी बार में साल 2011 में सफलता मिल गई.इस बार उन्‍होंने 65वीं रैंक हासिल की थी.

खुशी से छलक गए थे आंसू
एनीस ने एक इंटरव्‍यू में बताया, ' उस वक्‍त मैं ट्रेन में थी जब मुझे पता चला कि मैंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली है. मैं रोने लगी थी. वो खुशी के आंसू थे. मैं यकीन नहीं कर पा रही थी कि मेरी ये रैंक आई है.’

ये भी पढ़ें: 

IAS Success Story: जानिए उस आईएएस अफसर की कहानी, जो बचपन में भैंस चराती थी

IAS Success Story: जो लोग कहें- कब तक करोगे तैयारी, ऐसे लोगों से बना लें दूरी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए सरकारी नौकरी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 31, 2019, 5:47 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...