डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 16 लाख की ठगी, जयपुर से चल रहा था साइबर गैंग, 3 अरेस्ट
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दिल्ली पुलिस ने जयपुर से चल रहे डिजिटल अरेस्ट साइबर गैंग का भंडाफोड़ कर राकेश मीणा, छोटू लाल मीणा और योगेंद्र गुर्जर को 16 लाख की ठगी में गिरफ्तार किया है.

क्राइम न्यूज. दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने जयपुर से चल रहे एक बड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डराकर 16 लाख रुपये की ठगी की थी. पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 लाख रुपये नकद, 9 मोबाइल फोन और 10 बैंक पासबुक व चेकबुक बरामद किए हैं.
पुलिस के अनुसार, 7 दिसंबर 2025 को साउथ-वेस्ट जिले के साइबर थाना में एक ई-एफआईआर दर्ज की गई थी. शिकायत में बुजुर्ग महिला ने बताया कि उन्हें व्हाट्सऐप पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताया. आरोपी ने महिला के बेटे को फर्जी आपराधिक मामले में फंसाने की बात कही और उन्हें डिजिटल अरेस्ट में होने का डर दिखाया.
ठगों ने महिला को लगातार दो दिनों तक वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा और मानसिक दबाव बनाया. डर और घबराहट में महिला ने आरोपियों द्वारा दिए गए बैंक खातों में कुल 16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. टीम ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल फुटप्रिंट एनालिसिस, सिम ट्रैकिंग, सोशल मीडिया जांच और पैसों के ट्रांजेक्शन की पड़ताल शुरू की.
जांच के दौरान पता चला कि यह पूरा गिरोह राजस्थान के जयपुर से ऑपरेट हो रहा था और ठगी के पैसे रखने के लिए फर्जी बैंक खाते इस्तेमाल किए जा रहे थे. जांच में कोटपूतली निवासी योगेंद्र गुर्जर की पहचान हुई, जो लोगों से बैंक खाते लेकर गिरोह को उपलब्ध कराता था. पुलिस ने राजस्थान के कोटपूतली में छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया.
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पूछताछ में उसने बताया कि वह अनपढ़ और गरीब लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें छोटू लाल मीणा को देता था, जो आगे इन्हें मुख्य आरोपी राकेश मीणा तक पहुंचाता था. इसके बाद पुलिस ने जयपुर के सांगानेर इलाके में छापा मारकर राकेश मीणा और छोटू लाल मीणा को प्रताप नगर स्थित किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया.
छापेमारी के दौरान 1 लाख रुपये नकद, 9 मोबाइल फोन और 10 अलग-अलग बैंक खातों की पासबुक व चेकबुक बरामद की गईं. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी भारत में बैंक खाते जुटाकर उन्हें कंबोडिया में बैठे साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे. इन खातों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट स्कैम, निवेश ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था.
ठगी की रकम पहले इन खातों में जमा होती थी, फिर एटीएम और चेक के जरिए निकालकर अलग-अलग खातों में भेज दी जाती थी, जिससे पैसों का ट्रेल छिपाया जा सके. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय राकेश मीणा, 20 वर्षीय छोटू लाल मीणा और 19 वर्षीय योगेंद्र गुर्जर के रूप में हुई है. तीनों राजस्थान के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं.
दिल्ली पुलिस के अनुसार मामले की आगे जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें और ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें.
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Anoop Kumar MishraAssistant Editor
Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to ...और पढ़ें
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